राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की हार पर भड़के के. राजू, आरजेडी-माले पर लगाया धोखे का आरोप

रांची। झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की हार के बाद कांग्रेस ने सहयोगी दलों पर नाराजगी जाहिर की है। झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कहा कि गठबंधन सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने कांग्रेस को धोखा दिया है।
मीडिया से बातचीत में के. राजू ने कहा कि आरजेडी और माले के विधायकों ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के पक्ष में मतदान नहीं किया, जिसके कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
हालांकि, उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि झामुमो के 34 विधायकों में से 30 ने पार्टी प्रत्याशी बैद्यनाथ राम को वोट दिया, जबकि चार विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन किया।
राजू ने महागठबंधन और राज्य सरकार पर इस परिणाम के असर को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की।
दो सीटों पर हुआ था चुनाव
18 जून को झारखंड विधानसभा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान हुआ था। मतगणना के बाद झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी विजयी घोषित किए गए।
किसे मिले कितने वोट?
- बैद्यनाथ राम (झामुमो) – 30 वोट
- परिमल नाथवानी (एनडीए समर्थित) – 28 वोट
- प्रणव झा (कांग्रेस) – 20 वोट
- 3 वोट अवैध घोषित
चुनाव से पहले महागठबंधन की ओर से दोनों सीटों पर जीत के दावे किए जा रहे थे और लगातार बैठकों का दौर भी चल रहा था। लेकिन परिणाम आने के बाद गठबंधन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए।
कांग्रेस ने बताया लोकतंत्र के लिए चिंताजनक
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने हार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह परिणाम दुखद है।
उन्होंने कहा, “जहां विश्वास होता है, वहीं विश्वासघात होता है। इस तरह की जीत लोकतंत्र के लिए अच्छी नहीं है। झारखंड के लिए यह काला दिन है। जिस तरह अन्य राज्यों में जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त की बातें होती रही हैं, वैसा ही अब झारखंड में भी देखने को मिला है।”
राजेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि धनबल के कारण लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचा है और यह पूंजीपतियों की जीत है।

