टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, विदेश में बैठे हैंडलर शूटर्स को दे रहे थे पुलिस की हर गतिविधि की जानकारी

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस की जांच के दौरान अहम खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना को अंजाम देने वाले शूटरों को विदेश में बैठे कथित हैंडलर लगातार जानकारी दे रहे थे। वे न्यूज चैनलों पर प्रसारित खबरों और पुलिस की कार्रवाई पर नजर रख रहे थे। जैसे ही शूटरों के चेहरे टीवी पर दिखाए गए, उन्हें मैसेज भेजकर तुरंत वहां से भागने के लिए कहा गया।
चेहरे सामने आते ही मिला भागने का संदेश
18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जब फायरिंग से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों के चेहरे न्यूज चैनलों पर दिखाए जाने लगे, तो एक शूटर को संदेश मिला, जिसमें कहा गया कि उनके चेहरे सामने आ गए हैं और उन्हें तुरंत वहां से निकल जाना चाहिए।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि आरोपियों को गाइड करने वाला व्यक्ति लगातार मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस की जांच पर नजर रख रहा था। हालांकि, पुलिस अभी तक उस व्यक्ति की पहचान की पुष्टि नहीं कर पाई है। जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कुछ संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस की गतिविधियों और भागने के रास्तों की मिल रही थी जानकारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों को फोन कॉल और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए पुलिस की गतिविधियों, नाकाबंदी और जांच की स्थिति के बारे में जानकारी दी जा रही थी। सीसीटीवी फुटेज में एक आरोपी रेहान अंसारी को लगातार फोन पर बात करते हुए देखा गया था। पुलिस का कहना है कि इस्तेमाल किए गए संचार माध्यम की पहचान करना चुनौतीपूर्ण रहा, हालांकि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कुछ बातचीत तक पहुंच बनाई गई है।
जांच के मुताबिक, आरोपी पुलिस से बचने के लिए बार-बार यात्रा का तरीका बदल रहे थे। उन्होंने बाइक, ट्रेन और कैब का इस्तेमाल किया। बाद में वे सूरत बस स्टैंड से बस पकड़ने की योजना बना रहे थे, लेकिन देरी होने पर दूसरी ट्रेन से जाने का फैसला किया। इसी दौरान कोटा पुलिस ने उन्हें ट्रेन में पकड़ लिया।
मामले में अब तक 10 गिरफ्तारियां
फायरिंग की घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक व्लॉगर के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस ने मामले में फूल सिंह, रेहान रहिसुद्दीन अंसारी और ऋतिक महतो समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी की बात कही गई है।
अनिल पंडित नाम के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था और खुद को बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया था। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले में कथित साजिश, शूटरों को सहायता देने और विदेश में बैठे हैंडलर की पहचान को लेकर जांच जारी है।


