छत्तीसगढ़ में दो दिन बदलेगा मौसम, बस्तर-सुकमा में बिजली गिरने के आसार; 21 अक्टूबर से साफ रहेगा आसमान
रायपुर में पारा 33.2 डिग्री, सामान्य से ज्यादा गर्म रातें; अगले दिनों में न्यूनतम तापमान 1 से 2 डिग्री तक गिरने की संभावना

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम (MAUSAM) में उतार-चढ़ाव जारी है। प्रदेश में अगले दो दिनों तक कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग ने 19 और 20 अक्टूबर को एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।
खासकर 20 अक्टूबर को बस्तर और सुकमा जिले में मौसम प्रभावित हो सकता है। इसके बाद 21 से 25 अक्टूबर तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। इस अवधि के लिए बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मौसम (MAUSAM) में बदलाव के बीच तापमान की स्थिति भी लोगों को राहत और गर्मी का मिला-जुला अहसास करा रही है। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी बनी हुई है, जबकि रात के तापमान में आने वाले दिनों में गिरावट होने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में खास बदलाव नहीं होगा। इसके बाद रात के पारे में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे सुबह और देर रात हल्की ठंड महसूस होने लगेगी।
रायपुर में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री
राजधानी रायपुर में सोमवार को अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह प्रदेश में सबसे अधिक रहा। लालपुर स्थित मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 1.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। इससे साफ है कि अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में भी दिन के समय गर्मी का असर बना हुआ है।
रायपुर में न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक है। यानी दिन के साथ-साथ रात में भी तापमान सामान्य स्तर से ऊपर बना हुआ है। आमतौर पर अक्टूबर के उत्तरार्ध में रातें धीरे-धीरे ठंडी होने लगती हैं, लेकिन फिलहाल राजधानी में गर्मी से पूरी तरह राहत नहीं मिली है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में रात के तापमान में गिरावट आने के बाद सुबह के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो सकता है। हालांकि, दिन के तापमान में फिलहाल बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। ऐसे में दोपहर के वक्त गर्मी का असर जारी रह सकता है।
अंबिकापुर प्रदेश में सबसे ठंडा
प्रदेश में न्यूनतम तापमान के मामले में उत्तरी छत्तीसगढ़ के शहर अपेक्षाकृत ठंडे रहे। सोमवार को अंबिकापुर में सबसे कम 16.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री और दुर्ग में 21.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
तापमान के इन आंकड़ों से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का अंतर स्पष्ट होता है। उत्तरी इलाकों में रात का तापमान अपेक्षाकृत कम है, जबकि रायपुर जैसे मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का असर अभी बना हुआ है। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की संभावित गिरावट से कई जिलों में सुबह और रात के वक्त ठंडक बढ़ सकती है।
हालांकि, मौसम में यह बदलाव धीरे-धीरे होने की संभावना है। दिन में धूप निकलने के कारण अधिकतम तापमान में फिलहाल बड़ी गिरावट के संकेत नहीं हैं। लोगों को सुबह-शाम और दोपहर के मौसम में अंतर महसूस हो सकता है।
बंगाल की खाड़ी में बना है ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण
मौसम (MAUSAM) विभाग के अनुसार, उत्तरी तमिलनाडु तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यह समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। इससे संबंधित द्रोणिका उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है।
हालांकि, इस मौसमी सिस्टम से छत्तीसगढ़ में व्यापक बारिश होने के संकेत नहीं हैं। प्रदेश में 19 और 20 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है, लेकिन इसके बाद मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग की ओर से 21 से 25 अक्टूबर तक बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। ऐसे में इस अवधि में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने और बारिश की गतिविधियां कम होने की संभावना है।
बिजली चमकने के दौरान सावधानी जरूरी
बस्तर और सुकमा में 20 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। मौसम खराब होने पर सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेना बेहतर है।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक कुछ इलाकों में मौसम बदल सकता है, लेकिन प्रदेशव्यापी बारिश की संभावना नहीं है।
21 अक्टूबर से मौसम शुष्क रहने के साथ रात के तापमान में गिरावट आने के आसार हैं। इससे दिन में गर्मी और सुबह-रात में हल्की ठंड का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है।



