रायपुर से निकली नशामुक्ति की राष्ट्रीय बाइक रैली, DGP अरुण देव गौतम ने दिखाई हरी झंडी
छत्तीसगढ़ और ओडिशा पुलिस के 7 राइडर संभालेंगे जिम्मेदारी; जबलपुर से वर्धा होते हुए गुजरात तक पहुंचाएंगे नशे के खिलाफ संदेश, युवाओं को करेंगे जागरूक

रायपुर। नशे के खिलाफ लड़ाई अब सड़कों पर जनजागरूकता के जरिए भी लड़ी जाएगी। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने और समाज को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से रायपुर से राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली (bike rally) रवाना की गई।
पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान में छत्तीसगढ़ और ओडिशा पुलिस के कुल सात राइडर शामिल हैं। ये अलग-अलग राज्यों से गुजरते हुए लोगों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में बताएंगे। रैली का अगला पड़ाव जबलपुर होगा। इसके बाद राइडर वर्धा होते हुए गुजरात तक जाएंगे। कार्यक्रम में रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला भी मौजूद रहे।

सात राइडर राज्यों में पहुंचाएंगे नशामुक्ति का संदेश
राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली का उद्देश्य नशे के खिलाफ जागरूकता को व्यापक स्तर पर पहुंचाना है। इसमें शामिल सात राइडर यात्रा के दौरान अलग-अलग स्थानों पर लोगों से संवाद करेंगे। खासतौर पर युवाओं को नशे की लत bike rally) से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जाएगा। पुलिस का प्रयास है कि इस अभियान के जरिए नशामुक्ति का संदेश केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचे।
राइडर अपनी यात्रा के दौरान लोगों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करेंगे। इस तरह की पहल का उद्देश्य लोगों को जागरूक करने के साथ नशे के खिलाफ सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।

जबलपुर से शुरू होगा आगे का सफर
डीजीपी अरुण देव गौतम ने बताया कि अभियान में शामिल सभी राइडर जबलपुर में एकत्रित होंगे। वहां से रैली वर्धा होते हुए गुजरात तक पहुंचेगी। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर नशामुक्ति को लेकर जागरूकता गतिविधियां की जाएंगी।
अलग-अलग राज्यों से गुजरने वाली इस रैली के जरिए अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुंचाने की योजना है। पुलिस का मानना है कि नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए लोगों के बीच पहुंचना जरूरी है। बाइक रैली के माध्यम से पुलिसकर्मी सीधे नागरिकों से जुड़कर उन्हें नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देंगे।

DGP ने राइडरों के समर्पण की सराहना की
रायपुर में रैली को रवाना करने से पहले डीजीपी अरुण देव गौतम ने इसमें शामिल राइडरों से मुलाकात की और उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने अभियान के प्रति उनके समर्पण और समाज में जागरूकता फैलाने के संकल्प की सराहना की। डीजीपी ने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में इस तरह के अभियानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने विश्वास जताया कि रैली में शामिल पुलिसकर्मी विभिन्न राज्यों में पहुंचकर नशामुक्ति का संदेश प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाएंगे। उन्होंने राइडरों को अभियान की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं। डीजीपी के मुताबिक, ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने में मददगार हो सकते हैं।
केवल कार्रवाई से नहीं, जागरूकता से भी रुकेगा नशा
डीजीपी अरुण देव गौतम ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है। परिवार, युवा और आम नागरिक मिलकर नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने युवाओं को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान से अवगत कराने की जरूरत पर जोर दिया। नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ उसके परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित कर सकती है। ऐसे में लोगों को समय रहते जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना जरूरी है।

रायपुर पुलिस की पहल से बढ़ेगी जनभागीदारी
रायपुर पुलिस की इस पहल के जरिए नशामुक्ति अभियान को विभिन्न राज्यों bike rally) तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा पुलिस के सात राइडर यात्रा के दौरान लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश देंगे और नशामुक्त समाज बनाने में उनकी भागीदारी के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने में मदद करेगी। अभियान का मकसद यह संदेश देना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा प्रयास है। रायपुर से शुरू हुई यह यात्रा इसी संकल्प के साथ जबलपुर, वर्धा होते हुए गुजरात तक पहुंचेगी।



