RSS के स्थापना दिवस पर गडकरी, शिवराज और मनोहर लाल ने दी बधाई, बोले- राष्ट्रसेवा की यात्रा निरंतर जारी रहेगी
संघ के 101 साल पूरे होने पर नेताओं ने संस्थापक डॉ. हेडगेवार को किया याद, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और समाजसेवा के योगदान को सराहा

दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्थापना दिवस पर केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान के साथ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने संघ की शताब्दी यात्रा, राष्ट्रसेवा और सामाजिक योगदान को याद किया।
नेताओं ने कहा कि संघ ने लंबे समय से राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, त्याग और समर्पण की भावना के साथ लोगों को जोड़ने का काम किया है। उन्होंने संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के योगदान को याद करते हुए स्वयंसेवकों की सेवा भावना की सराहना की।
नेताओं ने अपने संदेशों में भारतीय संस्कृति के संरक्षण, समाज के संगठन और राष्ट्र निर्माण में स्वयंसेवकों की भूमिका का उल्लेख किया। साथ ही विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में राष्ट्र के प्रति समर्पण और सामूहिक प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
मनोहर लाल बोले- देशहित के कामों में जुटे रहें स्वयंसेवक
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में संघ (RSS) के स्वयंसेवकों को स्थापना दिवस की बधाई दी। उन्होंने लिखा, “संगठन गढ़े चलो, सुपंथ पर बढ़े चलो। भला हो जिसमें देश का, वो काम सब किए चलो।”
उन्होंने संघ को अनुशासन और देशभक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि स्थापना के समय से ही संगठन ने भारतीय संस्कृति की रक्षा और युवाओं को संगठित कर उनमें राष्ट्रभक्ति के विचार विकसित करने का उल्लेखनीय काम किया है।
मनोहर लाल ने अपने संदेश में समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में संघ के प्रयासों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को सशक्त बनाने और देशहित के प्रति समर्पित नागरिक तैयार करने में संगठन की भूमिका रही है।
उन्होंने उन स्वयंसेवकों को नमन किया, जो अलग-अलग परिस्थितियों में समाज के उत्थान और देशसेवा के लिए लगातार काम करते हैं। मनोहर लाल ने कहा कि सेवा और समर्पण की यह भावना युवाओं को देश तथा समाज के लिए योगदान देने की प्रेरणा देती रहेगी।
नितिन गडकरी ने कहा- राष्ट्र के लिए समर्पण की भावना मजबूत हुई
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी स्थापना दिवस पर स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में संघ को मातृभूमि की सेवा के लिए समर्पित दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठनों में से एक बताया।
गडकरी ने कहा कि राष्ट्रसेवा और अनुशासन के मूलमंत्र के जरिए संघ ने करोड़ों भारतीयों को प्रेरित किया है। उन्होंने संगठन के 100 वर्षों के सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अवधि में लाखों स्वयंसेवकों को व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्र के लिए त्याग और समर्पण की राह पर चलने की प्रेरणा मिली है।
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि राष्ट्रभक्ति और समर्पण की भावना के साथ देशसेवा की यह यात्रा आगे भी निरंतर जारी रहेगी। उनके संदेश में संघ के लंबे संगठनात्मक सफर और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता को प्रमुखता दी गई।
शिवराज सिंह चौहान ने हेडगेवार को किया नमन
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्थापना दिवस को संघ की ध्येय यात्रा को याद करने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में राष्ट्र के पुनरुत्थान, समाज के संगठन और सांस्कृतिक चेतना के जागरण के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं।
चौहान ने संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जिस उद्देश्य के साथ संगठन की शुरुआत की थी, वह आज विशाल वटवृक्ष के रूप में सामने है। उनके अनुसार, असंख्य स्वयंसेवक इस संगठन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा के कार्यों में जुटे हैं।
उन्होंने स्वयंसेवकों के जीवन में त्याग, अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन मूल्यों से समाज को दिशा और राष्ट्रजीवन को ऊर्जा मिलती है।
शिवराज सिंह चौहान ने अपने संदेश में कहा कि स्वयंसेवकों के लिए भारत माता की सेवा साधना, समाज का उत्थान संकल्प और राष्ट्र का वैभव ध्येय है। उन्होंने डॉ. हेडगेवार को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही कामना की कि देशसेवा का यह अभियान निरंतर आगे बढ़ता रहे और भारत विश्व कल्याण के मार्ग को प्रशस्त करे।
विनोद तावड़े ने विकसित भारत 2047 का किया उल्लेख
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने संघ की 101 वर्षों की यात्रा को भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण की जीवंत चेतना बताया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति निर्माण के जरिए राष्ट्र निर्माण (RSS) का संकल्प समाज के लिए प्रेरणादायी है।
तावड़े ने अपने संदेश में वर्ष 1925 में संघ की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन का सफर आज व्यापक स्वरूप ले चुका है। उनके मुताबिक, संघ सेवा, समृद्धि और सुरक्षा से जुड़े प्रयासों में राष्ट्र के साथ खड़ा रहा है।
उन्होंने पंच प्रण के आधार पर विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में जुटे स्वयंसेवकों को स्थापना दिवस की बधाई दी। उनके संदेश में राष्ट्र निर्माण के लिए व्यक्तिगत योगदान, सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक संकल्प पर जोर दिया गया।
राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सेवा पर जोर
स्थापना दिवस पर आए इन संदेशों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, सांस्कृतिक मूल्यों और समाजसेवा को प्रमुख स्थान मिला। नेताओं ने संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार को याद करते हुए संगठन की ऐतिहासिक यात्रा और स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना की।
सभी संदेशों का केंद्रीय भाव यही रहा कि राष्ट्र निर्माण केवल संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति के योगदान से जुड़ा कार्य है। नेताओं ने स्वयंसेवकों से सेवा और समर्पण की भावना के साथ आगे बढ़ते रहने का आह्वान किया।



