महाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा तेज, उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसदों के शिंदे खेमे में जाने की अटकलें

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम चर्चा में है. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है. खबरें हैं कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह लोकसभा सांसद शिंदे गुट के संपर्क में हैं और जल्द ही पाला बदल सकते हैं. यदि ऐसा होता है तो यह उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है.
जिन सांसदों के नाम चर्चा में हैं, उनमें ओमराजे निंबाळकर, नागेश पाटील आष्टीकर, संजय उत्तमराव देशमुख, संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे और संजय दीना पाटिल शामिल हैं. ये सभी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत जनाधार रखते हैं और उद्धव ठाकरे के भरोसेमंद चेहरों में गिने जाते रहे हैं.
धाराशिव से सांसद ओमराजे निंबाळकर मराठवाड़ा में उद्धव गुट का मजबूत चेहरा माने जाते हैं. वहीं हिंगोली से सांसद नागेश पाटील आष्टीकर भी क्षेत्रीय राजनीति में प्रभावशाली नेता हैं. यवतमाल-वाशिम से सांसद संजय उत्तमराव देशमुख ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में महत्वपूर्ण जीत दर्ज की थी.
परभणी से सांसद संजय हरिभाऊ जाधव लंबे समय से शिवसेना से जुड़े रहे हैं और उन्हें उद्धव ठाकरे के सबसे वफादार नेताओं में गिना जाता है. शिरडी से सांसद भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे भी संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले नेता माने जाते हैं.
मुंबई उत्तर-पूर्व से सांसद संजय दीना पाटिल महानगर की राजनीति में प्रभावशाली चेहरा हैं. वहीं नासिक से सांसद राजाभाऊ प्रकाश वाजे उत्तर महाराष्ट्र में पार्टी के महत्वपूर्ण नेताओं में शामिल हैं.
हालांकि इन नेताओं की ओर से अब तक किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. कई सांसद पहले भी सार्वजनिक रूप से उद्धव ठाकरे के साथ होने की बात कह चुके हैं. बावजूद इसके, महाराष्ट्र की राजनीति में चल रही अटकलों ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है.
यदि इन सांसदों में से बड़ी संख्या में नेता शिंदे गुट में शामिल होते हैं, तो लोकसभा में उद्धव ठाकरे गुट की ताकत पर सीधा असर पड़ सकता है. ऐसे में आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी.

