महाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा तेज, उद्धव ठाकरे ने बुलाई सांसदों की बैठक

महाराष्ट्र की राजनीति में कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के कुछ सांसदों के शिंदे गुट के संपर्क में होने की अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे ने रविवार को मातोश्री में अपने लोकसभा सांसदों की बैठक बुलाई। हालांकि नौ में से केवल चार सांसद ही बैठक में शारीरिक रूप से मौजूद रहे, जबकि बाकी पांच सांसदों के ऑनलाइन जुड़ने का दावा पार्टी की ओर से किया गया।
बैठक में अरविंद सावंत, अनिल देसाई, संजय दीना पाटिल और राजाभाऊ वाजे शामिल हुए। वहीं आदित्य ठाकरे और राज्यसभा सांसद संजय राउत भी मौजूद रहे। संजय राउत ने कहा कि सभी नौ सांसद बैठक में शामिल हुए थे और पार्टी पूरी तरह एकजुट है।
राउत के अनुसार, कुछ सांसद पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से ऑनलाइन जुड़े। उन्होंने बताया कि ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटील आष्टीकर, संजय देशमुख और संजय जाधव ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।
इस बीच शिंदे गुट की ओर से लगातार ऐसे संकेत दिए जा रहे हैं कि कई नेता उनके संपर्क में हैं। मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि उनकी पार्टी कोई ‘ऑपरेशन टाइगर’ नहीं चला रही, लेकिन यदि कोई जनप्रतिनिधि स्वयं आने का फैसला करता है तो उसे रोका नहीं जाएगा। उन्होंने दावा किया कि कई लोग संपर्क में हैं और अंतिम निर्णय उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ही लेंगे।
उधर, शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं ने किसी भी तरह की टूट की संभावना से इनकार किया है। सांसद अनिल देसाई और संजय दीना पाटिल ने कहा कि सभी सांसद उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े हैं और ‘ऑपरेशन टाइगर’ सफल नहीं होगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर तंज कसते हुए कहा कि पहले यह देखा जाए कि बैठक में कौन आया और कौन नहीं आया, उसके बाद इस पर चर्चा की जाए।
फिलहाल शिवसेना (यूबीटी) अपने सभी सांसदों के एकजुट होने का दावा कर रही है, लेकिन लगातार उठ रही अटकलों के चलते महाराष्ट्र की राजनीति में सस्पेंस बना हुआ है। अब सभी की नजर मानसून सत्र से पहले होने वाले संभावित राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिकी है।

