बिलासपुर के मदनपुर में पंचायत सचिव पर भ्रष्टाचार के आरोप
ग्रामीणों ने जनदर्शन में सौंपी शिकायत

बिलासपुर। ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में कथित अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों को लेकर बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मदनपुर के ग्रामीणों ने पंचायत सचिव संतोष कुमार तिवारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर शिकायत सौंपते हुए सचिव(Secretary) को पंचायत से हटाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंचायत निधि का उपयोग पारदर्शी तरीके से नहीं किया जा रहा है, जिससे गांव के कई विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से शिकायतें किए जाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, इसलिए उन्हें कलेक्टर के सामने अपनी बात रखने के लिए मजबूर होना पड़ा।
भुगतान, निर्माण कार्य और रिकॉर्ड को लेकर लगाए कई आरोप
ग्रामीणों द्वारा दी गई शिकायत में कहा गया है किसचिव(Secretary) पंचायत की आय-व्यय संबंधी जानकारी मांगने पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता और जानकारी देने में टालमटोल की जाती है। आरोप है कि जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच जल व्यवस्था, मोटर, वायरिंग, रेत, सीमेंट सहित अन्य कार्यों से जुड़े कई भुगतान लंबित हैं, जिससे पंचायत प्रतिनिधियों, सामग्री आपूर्तिकर्ताओं और हितग्राहियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पंचायत क्षेत्र के कई निर्माण कार्य अब तक अधूरे हैं। आरसीसी सड़क निर्माण पूरा नहीं होने और मोतीलाल तालाब के पास बनी सड़क की गुणवत्ता पर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। इसके अलावा सचिव(Secretary) कार्यालय नियमित रूप से नहीं खुलने का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि इससे लोगों के दैनिक कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं और आम नागरिकों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
हाई स्कूल भवन की राशि और जांच की मांग
ग्रामीणों ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि शासकीय हाई स्कूल में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए स्वीकृत लगभग 9 लाख रुपये की राशि का आहरण किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। उनका कहना है कि यदि राशि जारी हो चुकी है तो निर्माण कार्य धरातल पर दिखाई देना चाहिए। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और दोष सिद्ध होने पर पंचायत सचिव को मदनपुर से हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि पंचायत के विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर ग्रामीणों तक पहुंच सके। फिलहाल शिकायत कलेक्टर जनदर्शन में प्रस्तुत कर दी गई है। अब ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर है। प्रशासन की ओर से जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकेगा।

