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मतदान केंद्रों के बदलाव पर राजनीतिक दलों की सहमति, 2 नवंबर तक पूरी होगी प्रक्रिया

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारियों के बीच रायपुर जिले में मतदान केंद्रों (polling) के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम (SSR-2027) के तहत मतदान केंद्रों की व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।

सोमवार को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह (polling) की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें निर्वाचन अधिकारियों की ओर से प्रस्तुत प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक में शामिल राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावों पर सहमति जताई।

मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य मतदाताओं को मतदान के दौरान बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना और केंद्रों की व्यवस्था को व्यवस्थित बनाना है। निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार यह प्रक्रिया 2 नवंबर 2026 तक पूरी की जानी है। इसके बाद पुनरीक्षण कार्यक्रम के अगले चरणों के लिए तैयारियां आगे बढ़ेंगी।

निर्वाचन अधिकारियों के प्रस्तावों पर हुई चर्चा

कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिले के मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से प्राप्त प्रस्तावों की जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी गई। इसके साथ ही उनसे सुझाव और विचार भी मांगे गए।

बैठक में अधिकारियों ने प्रस्तावित बदलावों की जानकारी साझा की, ताकि राजनीतिक दलों को प्रक्रिया और उसके उद्देश्य के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके। उपस्थित प्रतिनिधियों ने प्रस्तावों पर अपनी सहमति व्यक्त की। निर्वाचन प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे प्रस्तावों पर चर्चा और सुझाव लेने का अवसर मिलता है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जिले में कितने मतदान केंद्रों में बदलाव प्रस्तावित हैं या कितने केंद्रों को स्थानांतरित, मर्ज अथवा पुनर्गठित किया जाएगा। इनका विस्तृत ब्योरा सामने आने पर बदलावों की वास्तविक संख्या और उनका प्रभाव स्पष्ट होगा।

मतदाताओं की सुविधा पर रहेगा जोर

मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया का प्रमुख उद्देश्य (polling) मतदाताओं के लिए मतदान व्यवस्था को सुगम बनाना है। मतदान केंद्रों की व्यवस्था ऐसी हो कि मतदाताओं को वोट डालने के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। इसके लिए निर्वाचन अधिकारी संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा कर रहे हैं।

मतदाता सूची के पुनरीक्षण के साथ मतदान केंद्रों की व्यवस्था की समीक्षा भी चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा होती है। इससे मतदान केंद्रों के प्रबंधन को बेहतर बनाने और मतदाताओं की जरूरतों को ध्यान में रखने में मदद मिलती है।

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। निर्वाचन आयोग की ओर से तय अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची से संबंधित कार्य किए जाते हैं। इस बार SSR-2027 कार्यक्रम में अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 निर्धारित है।

1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर पुनरीक्षण

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत यह प्रक्रिया संचालित की जा रही है। अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची से संबंधित तैयारियां की जा रही हैं।

मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र मतदाताओं से जुड़ी जानकारी को अद्यतन रखना और निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित बनाना है। इसी क्रम में मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण के प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है।

निर्वाचन अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करनी है। आयोग के कार्यक्रम के अनुसार मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण का काम 2 नवंबर 2026 तक पूरा किया जाना है। ऐसे में जिले में प्रस्तावों की समीक्षा और आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी करने पर जोर रहेगा।

बैठक में निगम आयुक्त और अधिकारी भी रहे मौजूद

बैठक में रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी इसमें भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने की।

बैठक के दौरान मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण से जुड़े प्रस्तावों की जानकारी साझा की गई और राजनीतिक दलों के विचार प्राप्त किए गए। प्रतिनिधियों की सहमति के बाद अब निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

फिलहाल जिले में मतदान केंद्रों की कुल संख्या, प्रस्तावित बदलावों और प्रभावित मतदाताओं से जुड़ा विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। निर्वाचन विभाग की ओर से आगे जारी होने वाली जानकारी से यह स्पष्ट होगा कि युक्तियुक्तकरण के तहत रायपुर जिले में मतदान केंद्रों की व्यवस्था में किस स्तर पर बदलाव किए जाएंगे।

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