चक्रवात अर्नब का खतरा: आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका, ओडिशा में स्कूल बंद; 7 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान अर्नब (Cyclone) को लेकर कई राज्यों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। तूफान के बुधवार, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका जताई गई है। इसके असर से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। दोनों राज्यों में एहतियाती कदम उठाते हुए स्कूल बंद कर दिए गए हैं। समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक लगा दी गई है और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मंगलवार तक स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने राहत और बचाव कार्यों की तैयारी के लिए 20 जिलों को 27 करोड़ रुपए जारी किए हैं। राज्य में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 15 टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन की प्राथमिकता संवेदनशील इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है।
हवा की रफ्तार 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश और यानम के तट के बीच बापटला और विशाखापत्तनम के आसपास 28 अक्टूबर की सुबह पहुंच सकता है। इसके बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
तटीय इलाकों में तेज हवाओं, भारी बारिश और जलभराव का खतरा है। प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। समुद्र में मौजूद नावों को वापस लौटने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की चेतावनी पर ध्यान देने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
28 अक्टूबर: आंध्र-ओडिशा में रेड अलर्ट, छत्तीसगढ़ में भी असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान (Cyclone) के अनुसार, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी बारिश की आशंका है। विदर्भ में भी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बिहार, झारखंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पूर्वी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में यलो अलर्ट है।
चक्रवात का असर तटीय क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहने की आशंका है। इसके आगे बढ़ने के साथ मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। छत्तीसगढ़ के दक्षिण और मध्य क्षेत्रों में विशेष सतर्कता की जरूरत है।
29 अक्टूबर: पूर्वी यूपी और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी
बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और कुछ स्थानों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका रहती है। लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी ताजा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड में अगले दो दिन मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। इसके बाद 28 अक्टूबर से मौसम में बदलाव हो सकता है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं, 3,500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलने से तापमान में गिरावट आ सकती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति देखकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।
हिमाचल के 11 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे
हिमाचल प्रदेश (Cyclone) में सुबह, शाम और रात के समय ठंड बढ़ने लगी है। प्रदेश के 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। जनजातीय क्षेत्र में ठंड का असर ज्यादा है। कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 2.5 डिग्री और केलांग में माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
29 और 30 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने से ठंड बढ़ सकती है।
राजस्थान में भी चक्रवात का असर संभव
चक्रवात अर्नब के प्रभाव से राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदल सकता है। अगले दो दिनों के बाद राज्य के कई जिलों में बादल छाने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
फिलहाल चक्रवात से सबसे ज्यादा खतरा आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में है। अगले कुछ दिनों में इसका असर तेलंगाना, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।



