पवनराजे निंबालकर हत्याकांड: सभी 9 आरोपी बरी, महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़

पूर्व कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काजी की 2006 में हुई हत्या के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सभी 9 आरोपियों को बरी कर दिया है। बरी किए गए आरोपियों में पूर्व एनसीपी नेता पद्मसिंह पाटिल भी शामिल हैं, जिन्हें सीबीआई ने इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया था।
इस फैसले के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है। पवनराजे के बेटे और शिवसेना (यूबीटी) सांसद ओमराजे निंबालकर, जिनके एकनाथ शिंदे गुट में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं, अब अपना फैसला बदल सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, अदालत के फैसले से निंबालकर परिवार बेहद आहत है और ओमराजे अपने समर्थकों व कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद ही आगे का राजनीतिक फैसला लेंगे।
यदि ओमराजे निंबालकर शिंदे गुट में शामिल नहीं होते हैं, तो उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को बड़ी राहत मिल सकती है। इससे शिंदे गुट के लिए नए सांसदों का समूह तैयार करना भी मुश्किल हो जाएगा।
ओमराजे निंबालकर ने कहा है कि उनके पिता के हत्यारों को सजा नहीं मिलने से परिवार दुखी है और उन्हें 20 साल बाद भी न्याय नहीं मिला। उन्होंने संकेत दिया कि आगे की रणनीति कार्यकर्ताओं से बातचीत के बाद तय की जाएगी।
इस बीच, ओमराजे के करीबी और यूबीटी विधायक कैलाश पाटिल ने ‘मातोश्री’ पहुंचकर उद्धव ठाकरे से मुलाकात की है, जिससे राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
वहीं, सूत्रों के अनुसार सीबीआई इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी चर्चा की है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

