PM आवास पर भूपेश बघेल और विजय शर्मा की बहस के बाद सोशल मीडिया बना नया सियासी अखाड़ा
दोनों नेताओं के दावों पर घमासान

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर शुरू हुआ सियासी विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। रायपुर प्रेस क्लब में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच हुई करीब 1 घंटे 20 मिनट लंबी ओपन डिबेट के बाद अब यह मुद्दा सोशल मीडिया तक पहुंच गया है। डिबेट के दौरान दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े आंकड़ों और अपनी-अपनी सरकार के कार्यकाल में हुए कामों को लेकर कई दावे किए। बहस खत्म होने के बाद भी राजनीतिक बयानबाजी थमती नजर नहीं आ रही है।
PM आवास योजना को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से चल रही बयानबाजी अब सोशल मीडिया पर भी तेज होने के आसार हैं। दोनों दलों के समर्थक अपने-अपने नेताओं के दावों को सही साबित करने के लिए आंकड़ों और बयानों को सामने रख रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना एक बार फिर छत्तीसगढ़ की सियासत के केंद्र में आ गई है।
प्रेस क्लब में आमने-सामने आए भूपेश बघेल और विजय शर्मा
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एक-दूसरे की चुनौती स्वीकार की थी। इसके बाद रायपुर प्रेस क्लब में दोनों नेताओं के बीच ओपन डिबेट आयोजित की गई। इस बहस में PM आवास योजना के तहत स्वीकृत मकानों, पूर्ण हुए आवास, केंद्र से मिलने वाली राशि और पिछली सरकार के कार्यकाल में योजना की स्थिति जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
करीब 1 घंटे 20 मिनट तक चली इस बहस के दौरान दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी सरकार के कामकाज को सही ठहराने की कोशिश की। कई मौकों पर माहौल गर्म भी नजर आया। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के दावों और आंकड़ों पर सवाल उठाए और अपने पक्ष में आंकड़े पेश किए।
भूपेश बघेल ने केंद्र पर लगाया राशि रोकने का आरोप
डिबेट के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि रोकने का आरोप लगाया। भूपेश बघेल ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में करीब 7 लाख आवास स्वीकृत किए गए थे।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान केंद्र से राशि जारी नहीं हुई थी। इसके बाद PM आवास योजना का पोर्टल भी बंद कर दिया गया था। भूपेश बघेल के मुताबिक उनकी सरकार ने केंद्र से अपना पैसा मांगा था और इस संबंध में केंद्र सरकार के साथ पत्राचार भी किया गया था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में करीब 18 लाख आवास बाकी थे। इनमें से उनकी सरकार के कार्यकाल में करीब 6 लाख 97 हजार आवास स्वीकृत किए गए थे। भूपेश बघेल ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सरकार की ओर से किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया।
विजय शर्मा ने भूपेश के दावों पर किया पलटवार
वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भूपेश बघेल के दावों को खारिज करते हुए अलग आंकड़े सामने रखे। विजय शर्मा ने कहा कि PM आवास योजना का पोर्टल बंद नहीं था और कोरोना काल के दौरान भी राशि जारी की जा रही थी।
विजय शर्मा ने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए और उन्हें पूरा भी कराया गया। उन्होंने केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 17 लाख 75 हजार आवास पूर्ण किए गए हैं।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ ने देश में सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री आवास बनाए। उन्होंने PM आवास योजना को लेकर भाजपा सरकार के कामकाज को कांग्रेस सरकार के मुकाबले बेहतर बताया।
‘Grok से पूछिए’ बयान भी रहा चर्चा में
रायपुर प्रेस क्लब में हुई इस डिबेट के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का ‘Grok से पूछिए’ वाला बयान भी काफी चर्चा में रहा। PM आवास योजना के आंकड़ों को लेकर उन्होंने सही जानकारी सामने रखने की बात कही और भूपेश बघेल के दावों पर सवाल उठाए।
इसके जवाब में भूपेश बघेल ने कहा कि कौन सच बोल रहा है, यह पत्रकार खुद खोज लेंगे। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बयानबाजी ने सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींचा। डिबेट के वीडियो और नेताओं के बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चर्चा का विषय बन गए।
डिबेट खत्म, लेकिन सियासी लड़ाई जारी
प्रेस क्लब में बहस खत्म होने के बाद ऐसा लग रहा था कि PM आवास का मुद्दा कुछ समय के लिए शांत होगा, लेकिन इसके उलट राजनीतिक बहस अब सोशल मीडिया पर पहुंच गई है। भाजपा और कांग्रेस समर्थक अपने-अपने नेताओं के दावों को लेकर पोस्ट और वीडियो साझा कर रहे हैं।
PM आवास योजना के आंकड़े, केंद्र से मिलने वाली राशि, आवासों की स्वीकृति और निर्माण की संख्या अब राजनीतिक बहस के प्रमुख मुद्दे बन गए हैं। भाजपा की ओर से जहां अपने कार्यकाल में बड़ी संख्या में आवास स्वीकृत और पूर्ण कराने का दावा किया जा रहा है, वहीं कांग्रेस अपने शासनकाल में स्वीकृत आवासों और केंद्र से राशि नहीं मिलने के मुद्दे को प्रमुखता से उठा रही है।
बहस के बाद प्रेस क्लब के बाहर कार्यकर्ताओं में झड़प
इस राजनीतिक बहस के बाद रायपुर प्रेस क्लब के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की घटना भी सामने आई। कांग्रेस नेता शैलेश त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को प्रेस क्लब के अंदर जाने दिया गया, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बाहर रोका गया।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिस ने हस्तक्षेप किया और स्थिति को संभाला। इस घटना ने PM आवास को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद को और चर्चा में ला दिया।
अब सोशल मीडिया पर होगी दावों की लड़ाई
भूपेश बघेल और विजय शर्मा के बीच हुई बहस भले ही प्रेस क्लब में खत्म हो गई हो, लेकिन PM आवास योजना को लेकर सियासी जंग अभी खत्म होती नजर नहीं आ रही है। अब इस मुद्दे पर सोशल मीडिया एक नया राजनीतिक अखाड़ा बनता दिखाई दे रहा है।
एक तरफ भाजपा अपने आंकड़ों और केंद्र सरकार के रिकॉर्ड के आधार पर PM आवास योजना में उपलब्धियों का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस पिछली सरकार के दौरान स्वीकृत आवासों और केंद्र से राशि से जुड़े अपने दावों को सामने रख रही है।
आने वाले दिनों में दोनों दलों के नेता और समर्थक PM आवास योजना से जुड़े आंकड़ों को लेकर एक-दूसरे पर और हमलावर हो सकते हैं। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि इस राजनीतिक बहस में कौन से आंकड़े और दस्तावेज सामने आते हैं और जनता के सामने PM आवास योजना की वास्तविक तस्वीर किस तरह स्पष्ट होती है।



