पीएम मोदी से मिले Asian Games 2026 के पदक विजेता, भारतीय महिला और पुरुष हॉकी टीम ने भेंट की अपनी जर्सी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Asian Games 2026 में भारत के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों से नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि एशियाई खेलों में भारत की सफलता देश में बदलती खेल संस्कृति और युवाओं की क्षमता को दर्शाती है। कार्यक्रम के दौरान भारतीय महिला और पुरुष हॉकी टीम ने प्रधानमंत्री को अपनी जर्सी भी भेंट की।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित Asian Games में भारत ने कुल 85 पदक जीते, जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल रहे। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। प्रतियोगिता में भारत की ओर से 301 खिलाड़ियों के दल ने हिस्सा लिया। भारतीय खिलाड़ियों ने हॉकी, क्रिकेट, कबड्डी, तीरंदाजी, मुक्केबाजी, शूटिंग और कुश्ती समेत कई खेलों में पदक हासिल किए।
महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद जीता स्वर्ण
एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम की जीत खास रही। टीम ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ महिला हॉकी टीम ने 44 साल का इंतजार खत्म किया। इससे पहले भारत ने 1982 में दक्षिण कोरिया को हराकर महिला हॉकी में स्वर्ण पदक जीता था।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने भी फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। दोनों टीमों की जीत के साथ भारत ने हॉकी में शानदार प्रदर्शन किया। महिला और पुरुष हॉकी टीमों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान उन्हें अपनी जर्सी भेंट की। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों टीमों ने 2028 में अमेरिका के लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए भी क्वालिफाई किया।
क्रिकेट और कबड्डी में भी भारत का दबदबा
एशियन गेम्स 2026 में क्रिकेट में भी भारत को दोहरी सफलता मिली। भारतीय महिला और पुरुष क्रिकेट टीमों ने स्वर्ण पदक जीते। कबड्डी में भी दोनों वर्गों की भारतीय टीमें चैंपियन बनीं। इस तरह हॉकी, क्रिकेट और कबड्डी में महिला और पुरुष टीमों के स्वर्ण पदकों ने भारत के पदक अभियान में अहम योगदान दिया।
तीरंदाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने पांच स्वर्ण सहित कुल नौ पदक जीते। मुक्केबाजी में भारत को तीन स्वर्ण और तीन कांस्य समेत छह पदक मिले। शूटिंग, कुश्ती, एथलेटिक्स और गोल्फ में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक हासिल किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने तीरंदाजी, शूटिंग, मुक्केबाजी और कुश्ती में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने 28 साल बाद वेटलिफ्टिंग में भी पदक जीता है। इसके अलावा एमएमए, सॉफ्ट टेनिस और सेलिंग की कुछ स्पर्धाओं में भी भारत को सफलता मिली।
85 पदकों में महिलाओं के 38 पदक, 11 स्वर्ण
प्रधानमंत्री ने महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत के कुल 85 पदकों में से 38 पदक महिला खिलाड़ियों ने जीते हैं, जिनमें 11 स्वर्ण पदक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि नए भारत की क्षमता और आत्मविश्वास को दर्शाती हैं।
मोदी ने मैराथन में भारत की उपलब्धि का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, 1982 के बाद पहली बार भारत ने एशियन गेम्स में मैराथन में सफलता हासिल की है।
प्रतियोगिता में पांच खिलाड़ियों ने तीन-तीन पदक जीते, जबकि 23 खिलाड़ियों ने दो-दो पदक हासिल किए। दोहरे पदकों के मामले में एथलेटिक्स आगे रहा। तीरंदाजी और शूटिंग में पांच-पांच खिलाड़ियों ने दो पदक जीते, जबकि स्क्वैश में चार खिलाड़ियों ने दो-दो पदक हासिल किए। गोल्फ में प्रणवी उर्स ने भी दो पदक जीते।
‘जुनून जब जीत में बदलता है तो मेडल पक्का है’
पदक विजेताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियां देश का गौरव बढ़ाती हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को बधाई देने के साथ उनके कोच, सहयोगी स्टाफ और परिवारों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “जुनून जब जीत में बदलता है तो मेडल पक्का है।” उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में भारत की सफलता बताती है कि देश के युवा हर ऊंचाई को छूने के लिए तैयार हैं। खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियां तिरंगे का सम्मान बढ़ाती हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को उनकी जयंती पर नमन किया। 15 अक्टूबर को उनकी जयंती मनाई जाती है।
खिलाड़ियों को नए रिकॉर्ड बनाने का संकल्प
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से नए लक्ष्य निर्धारित करने और नए रिकॉर्ड बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बड़े सपने एक दिन में पूरे नहीं होते, बल्कि उनके लिए वर्षों तक धैर्य और निरंतर मेहनत करनी पड़ती है।
मोदी ने पिछले 12 वर्षों में देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले कई खेलों में भारत की भागीदारी सीमित थी। प्रतियोगिताओं में भागीदारी बढ़ने से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और पदक जीतने के अधिक अवसर मिले हैं।
उन्होंने कहा कि अब भारतीय खिलाड़ी विभिन्न खेलों में हिस्सा ले रहे हैं और सफलता हासिल कर रहे हैं। एशियन गेम्स में मिला प्रदर्शन इसी बदलाव का उदाहरण है। खिलाड़ियों की उपलब्धियां देश के युवाओं को नए लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित करती हैं।
कोच, सपोर्ट स्टाफ और परिवारों की भूमिका भी अहम
प्रधानमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे कोच, सपोर्ट स्टाफ और परिवारों का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने इन सभी के प्रयासों की सराहना की और उन्हें भी बधाई दी।
कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा भी मौजूद रहीं। खिलाड़ियों के साथ हुई इस मुलाकात में भारत की पदक उपलब्धियों, महिला खिलाड़ियों के योगदान और देश में खेलों के प्रति बढ़ती भागीदारी पर जोर दिया गया।



