राहुल गांधी का BJP पर हमला: धर्मेंद्र प्रधान के संसद में स्वागत पर बोले; ‘लाखों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का जश्न’

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के संसद पहुंचने पर BJP और NDA सांसदों की ओर से किए गए जोरदार स्वागत को लेकर कांग्रेस ने निशाना साधा है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) ने कहा कि प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद शिक्षा व्यवस्था के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे। उन्होंने संसद में उनके स्वागत को लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का जश्न बताया।
धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंपा गया।
राहुल गांधी बोले- हर छात्र इस घटना को देख रहा
राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि प्रधान के कार्यकाल के दौरान शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों ने लाखों युवाओं को प्रभावित किया। उन्होंने दावा किया कि इसी व्यवस्था के कारण 26 बच्चों की जान गई और बड़ी संख्या में युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए।
उन्होंने ( Rahul Gandhi ) कहा कि प्रधान का इस्तीफा नैतिक जिम्मेदारी के कारण नहीं, बल्कि युवाओं के गुस्से के दबाव में हुआ। राहुल गांधी के मुताबिक, ऐसे व्यक्ति का संसद में सम्मान करना युवाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि देश का हर छात्र इस घटना को देख रहा है और इसमें शामिल लोगों को याद रखेगा।
संसद में लगे ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे
27 जुलाई को प्रधान इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे। उनके पहुंचते ही BJP और NDA सांसदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सांसदों ने ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे लगाए। कुछ सांसदों ने उन्हें शॉल पहनाई और पारंपरिक टोपी भी पहनाई।
कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने भी साधा निशाना
कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने भी प्रधान के स्वागत को लेकर BJP पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधान को ‘जीरो से हीरो’ बनाया जा रहा है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने भी स्वागत को लेकर सवाल उठाते हुए इसे देश के युवाओं का अपमान बताया।
वहीं, प्रधान का इस्तीफा NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवादों और छात्रों के विरोध के बीच हुआ था। इस्तीफे के बाद उनका संसद में स्वागत राजनीतिक टकराव का नया मुद्दा बन गया है।

