रायपुर में खारून नदी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर रोक, कुंड में करना होगा विसर्जन;6 जगह होगा रावण दहन

रायपुर: रायपुर में दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। 20 अक्टूबर को शहर में छह जगह रावण दहन होगा। वहीं, दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन खारून नदी में सीधे नहीं किया जा सकेगा। श्रद्धालुओं को नदी के पास बनाए गए विसर्जन कुंड में ही प्रतिमाओं का विसर्जन करना होगा। नगर निगम ने पर्यावरण नियमों का पालन कराने और आयोजन स्थलों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों की समिति गठित की है।
रायपुर में दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नगर निगम ने व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। विसर्जन की व्यवस्था 20 अक्टूबर से 25 अक्टूबर की सुबह 6 बजे तक निर्धारित की गई है। निगम का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ नदी को प्रदूषण से बचाना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
रावणभाठा और WRS समेत छह जगह होगा रावण दहन
दशहरा के अवसर पर रायपुर में छह स्थानों पर रावण दहन के आयोजन होंगे। इनमें रावणभाठा और WRS कॉलोनी प्रमुख हैं। इसके अलावा चौबे कॉलोनी, राजेंद्र नगर, शंकर नगर और रामकुंड में स्वामी विवेकानंद आश्रम के पास भी रावण दहन किया जाएगा।
नगर निगम ने सभी आयोजन स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, अग्निशमन वाहन और रास्तों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मैदानों को समतल करने और अन्य जरूरी तैयारियों की जिम्मेदारी संबंधित जोन कमिश्नरों को सौंपी गई है।
खारून नदी में सीधे विसर्जन पर प्रतिबंध
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान खारून नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए सीधे नदी में प्रतिमाएं विसर्जित करने पर रोक रहेगी। श्रद्धालुओं को नदी के पास बनाए गए निर्धारित विसर्जन कुंड का उपयोग करना होगा।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने अधिकारियों की समिति गठित की है। समिति विसर्जन स्थल पर जरूरी सुविधाओं और व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी।
विसर्जन के 24 घंटे के भीतर हटाना होगा मलबा
नगर निगम ने विसर्जन के बाद सफाई को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। प्रतिमाओं के विसर्जन से पहले पूजन सामग्री को अलग करके निर्धारित स्थान पर रखना होगा। वहीं, विसर्जन कुंड में जमा मलबा, बांस-बल्लियां और अन्य सामग्री 24 घंटे के भीतर हटानी होगी।
इसका उद्देश्य विसर्जन कुंड के पानी को प्रदूषित होने से बचाना और आसपास स्वच्छता बनाए रखना है। इसके अलावा ध्वनि और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन और रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों की समिति संभालेगी व्यवस्था
विसर्जन कुंड और दशहरा आयोजन की व्यवस्थाओं के लिए बनाई गई समिति में अपर आयुक्त विनोद पांडेय, उपायुक्त स्वास्थ्य जसदेव सिंह बाबरा, जोन-2 के कमिश्नर संतोष पांडेय, जोन-5 के कमिश्नर राकेश शर्मा और जोन-6 की कमिश्नर प्रीति सिंह सहित इंजीनियरिंग और जल विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
समिति की जिम्मेदारी विसर्जन स्थल पर शामियाना, रोशनी, माइक, फायर ब्रिगेड और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। नगर निगम ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से जरूरी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी जानकारी
दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान रायपुर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित विसर्जन स्थल और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना होगा। खारून नदी में सीधे विसर्जन के बजाय बनाए गए कुंड का उपयोग करना जरूरी रहेगा। साथ ही, आयोजन स्थलों पर सफाई बनाए रखने और पूजन सामग्री को निर्धारित स्थान पर रखने की अपील की गई है।
नगर निगम की इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य दशहरा और विसर्जन कार्यक्रमों को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के साथ पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है।



