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राम मंदिर चंदा प्रकरण: तीसरे दिन भी जारी रही एसआईटी जांच, चंपत राय और गोपाल राव से हुई पूछताछ

अयोध्या। राम मंदिर चंदा प्रकरण की जांच में जुटी विशेष जांच टीम (एसआईटी) लगातार तीसरे दिन भी सक्रिय रही। जांच टीम ने मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, व्यवस्थापक गोपाल राव समेत नकदी गणना और दान प्रबंधन से जुड़े कई कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ की।

एसआईटी का नेतृत्व लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। उनके साथ पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नीलरतन कुमार भी जांच प्रक्रिया में शामिल हैं। टीम दान राशि के संग्रहण, सुरक्षा व्यवस्था, नकदी गणना और बैंक में जमा करने की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है।

जांच के दौरान मंदिर परिसर में स्थापित दानपात्रों का निरीक्षण किया गया। साथ ही नकदी गणना से जुड़े अभिलेख, सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की गई। एसआईटी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दानपात्रों से निकाली गई राशि किस प्रक्रिया से गुजरती है और कथित अनियमितता की संभावना किस स्तर पर उत्पन्न हुई।

जांच दल ने रामलला के गर्भगृह के सामने स्थित उस विशेष कक्ष का भी निरीक्षण किया, जहां श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए आभूषण और बहुमूल्य धातुएं सुरक्षित रखी जाती हैं। इस कक्ष की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारी से भी विस्तृत जानकारी ली गई।

सूत्रों के अनुसार, चंपत राय से कर्मचारियों की नियुक्ति, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही से जुड़े सवाल पूछे गए। वहीं गोपाल राव से मंदिर की आंतरिक व्यवस्था और दान राशि के प्रबंधन संबंधी जानकारी हासिल की गई।

जांच में यह भी सामने आया कि दानपात्रों से प्राप्त नकदी की गणना में ट्रस्ट, भारतीय स्टेट बैंक और कलेक्शन एजेंसी से जुड़े लगभग 40 कर्मचारी दो शिफ्टों में कार्य करते हैं। कलेक्शन एजेंसी की जिम्मेदारी केवल दानपात्रों से नकदी निकालकर उसे निर्धारित गोपनीय कक्ष तक पहुंचाने की होती है।

एसआईटी अब विभिन्न स्तरों से जुटाई गई जानकारी और दस्तावेजों का मिलान कर रही है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कुछ अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा सकती है।

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