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सड़क हादसों के बाद राहत-बचाव होगा तेज, NHAI की सभी परियोजनाओं में ‘केयर सिस्टम’ अनिवार्य

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सड़क दुर्घटनाओं के बाद राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब देशभर में NHAI की सभी परियोजनाओं में ‘NHAI केयर सिस्टम’ का इस्तेमाल अनिवार्य होगा। इसके साथ ही एंबुलेंस सेवाओं के लिए तय समयसीमा और मानकों का पालन नहीं करने पर जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है।

NHAI की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार, परियोजना के मोड की परवाह किए बिना सभी ऑन-रोड इकाइयों, एंबुलेंस, क्रेन और गश्ती वाहनों में NHAI केयर सिस्टम का इस्तेमाल करना होगा। सभी वाहनों में AIS-140 मानक वाले GPS लगाए जाएंगे। इसके अलावा IoT सिम वाले एंड्रॉयड मोबाइल डिवाइस दिए जाएंगे, जिनमें NHAI केयर मोबाइल एप पहले से इंस्टॉल होगा। घटना प्रबंधकों को एंड्रॉयड टैबलेट दिया जाएगा, जिसमें NHAI केयर डैशबोर्ड एप उपलब्ध रहेगा।

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24 घंटे सक्रिय रहेगा कॉल सेंटर

NHAI ने 24×7 कॉल सेंटर भी स्थापित किया है। प्रत्येक शिफ्ट में 8 हेल्पलाइन कर्मचारी और एक डॉक्टर तैनात रहेगा। सभी क्षेत्रीय कार्यालयों और परियोजना कार्यान्वयन इकाइयों को NHAI केयर डैशबोर्ड की सुविधा के साथ इसके इस्तेमाल की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना

एंबुलेंस सेवाओं को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए 10 प्रमुख मानक तय किए गए हैं। NHAI केयर ऐप और GPS की उपलब्धता 99 प्रतिशत से अधिक बनाए रखना जरूरी होगा। इसमें कमी आने पर 2,500 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाया जाएगा।

किसी आपातकालीन टिकट को एक मिनट के भीतर स्वीकार करना होगा। हर अतिरिक्त मिनट की देरी पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। वहीं, 10 किलोमीटर तक की दूरी के लिए एंबुलेंस को 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचना होगा। देरी होने पर प्रति घटना 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

टिकट स्वीकार होने के एक घंटे के भीतर मरीज को अस्पताल पहुंचाने का लक्ष्य भी तय किया गया है। इसमें देरी होने पर 10,000 रुपये का जुर्माना होगा। किसी आपातकालीन टिकट को अस्वीकार करने पर भी 10,000 रुपये प्रति अस्वीकृति का जुर्माना लगेगा।

नजदीकी परियोजना की एंबुलेंस भी देगी मदद

NHAI ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी घटना के समय संबंधित परियोजना क्षेत्र में एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है, तो नजदीकी परियोजना की एंबुलेंस को तुरंत सहायता के लिए भेजना होगा। इसके अलावा हर 24 घंटे में कम से कम 5 किलोमीटर का ड्राई रन या मॉक ड्रिल करना अनिवार्य होगा। इसका पालन नहीं होने पर मासिक भुगतान में कटौती की जाएगी।

2.50 लाख रुपये तक हो सकता है मासिक जुर्माना

NHAI केयर सिस्टम के जरिए सभी KPI और SLA के अनुपालन की निगरानी और जुर्माने की गणना स्वचालित रूप से की जाएगी। किसी परियोजना पर अधिकतम 2.50 लाख रुपये प्रति माह तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह राशि मासिक या त्रैमासिक भुगतान से काटी जाएगी।

NHAI ने सभी परियोजना निदेशकों और क्षेत्रीय अधिकारियों को इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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