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धीमा पड़ा मॉनसून, बढ़ सकती है महंगाई! धान, दाल, सब्जी और दूध के दामों पर मंडराया खतरा

देश में मॉनसून 2026 की रफ्तार उम्मीद से धीमी रहने लगी है, जिसका असर अब खेती और आम लोगों की जेब पर भी पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार जून में कई राज्यों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य भारत के कई हिस्सों में मॉनसून की प्रगति धीमी है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अगले कुछ हफ्तों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

सबसे ज्यादा चिंता धान, दाल और तिलहन फसलों को लेकर है। धान की खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर होती है और बुवाई में देरी से उत्पादन प्रभावित हो सकता है। वहीं अरहर, उड़द और मूंग जैसी दालों की पैदावार कम होने पर बाजार में कीमतें बढ़ सकती हैं। सोयाबीन और अन्य तिलहन फसलों पर असर पड़ने से खाद्य तेल भी महंगे हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में फिलहाल इसी आशंका का असर दिखने लगा है।

कम बारिश का असर सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं रहेगा। टमाटर, प्याज, आलू और हरी सब्जियों जैसी फसलों की आपूर्ति प्रभावित होने पर इनके दाम तेजी से बढ़ सकते हैं। इसके अलावा गन्ना उत्पादन में कमी आने पर चीनी महंगी हो सकती है, जिसका असर मिठाइयों, कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड फूड पर भी पड़ेगा। पशुओं के लिए हरे चारे की कमी होने से दूध उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जिससे दूध, दही और घी के दाम भी बढ़ सकते हैं।

हालांकि राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने जुलाई में बारिश बढ़ने की संभावना जताई है। अगर आने वाले दिनों में मॉनसून रफ्तार पकड़ता है तो फसलों को बड़ा नुकसान होने से बचाया जा सकता है। फिलहाल किसानों से लेकर आम उपभोक्ताओं तक सभी की नजर आसमान पर टिकी हुई है, क्योंकि अगले कुछ हफ्तों की बारिश ही तय करेगी कि इस साल महंगाई बढ़ेगी या राहत मिलेगी।

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