स्कूलों में अब शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस पर सख्ती, 5 हजार नई भर्तियां भी जल्द: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

रायपुर। राजधानी के दीनदयाल ऑडिटोरियम में मंगलवार को स्कूल शिक्षा विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में प्रदेशभर के DEO, BEO, विभागीय अधिकारी और सचिव शामिल हुए। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अधिकारियों को स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों की उपस्थिति पर सख्ती से निगरानी रखने के निर्देश दिए।
सिर्फ ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए स्कूल न आएं शिक्षक
मंत्री ने साफ कहा कि शिक्षक सिर्फ ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने के लिए स्कूल न आएं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें। स्कूलों में औचक निरीक्षण कर यह भी देखा जाएगा कि शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पढ़ाई हो रही है या नहीं।
नियमों की अनदेखी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए अब हर महीने रायपुर में बैठक भी होगी।
सरकारी स्कूलों में बढ़ी छात्रों की संख्या
मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस साल सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने इसे अभिभावकों के बढ़ते भरोसे का संकेत बताया। सरकार का फोकस अब स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने पर है।
छात्राओं को अनिवार्य होगा कराते प्रशिक्षण
स्कूलों में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण को अनिवार्य करने की तैयारी है। इसके लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा खेलकूद और स्थानीय व पारंपरिक खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
8 हजार से ज्यादा नए शौचालय बनेंगे
छात्राओं की सुविधा के लिए प्रदेश के स्कूलों में 8 हजार से अधिक शौचालय बनाए जाएंगे। जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए भी फंड जारी किया जाएगा। जिन भवनों की स्थिति बेहद खराब है, उनके नए निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
5 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी
शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए प्रदेश में 5 हजार नए शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। मंत्री ने कहा कि भर्ती जल्द पूरी की जाएगी, जिससे स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बेहतर होगी।
स्मार्ट क्लास से नहीं रुकेगी पढ़ाई
स्कूलों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल पढ़ाई को बढ़ावा दिया जाएगा। महीने की शुरुआत में विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से जुड़ी डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। शिक्षक के अनुपस्थित रहने पर भी डिजिटल माध्यम से बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की व्यवस्था की जाएगी।
स्कूलों में यूट्यूबरों की एंट्री पर रोक
मंत्री ने स्कूलों में अनावश्यक रूप से यूट्यूबरों के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। बाहरी लोगों की गतिविधियां तय नियमों के अनुसार ही होंगी और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
मंत्रोच्चारण का उद्देश्य संस्कार देना
स्कूलों में मंत्रोच्चारण को लेकर मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य बच्चों में संस्कार विकसित करना है। साथ ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल और अन्य गतिविधियों पर भी जोर दिया जाएगा।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग का पूरा फोकस बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक गुणवत्ता पर रहे। ब्लॉक और संकुल स्तर तक स्कूलों की लगातार निगरानी की जाए, ताकि सुधार का असर जमीन पर दिखाई दे।



