UGC-NET के तीन पेपर रद्द, कांग्रेस ने NTA पर उठाए सवाल; राहुल बोले- गलती एजेंसी की, नुकसान छात्रों का क्यों?

UGC-NET जून 2026 की परीक्षा को लेकर विवाद बढ़ गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों में गड़बड़ियां मिलने के बाद इन तीन विषयों की परीक्षा रद्द कर दी है। अब इन विषयों की परीक्षा सितंबर में दोबारा आयोजित की जाएगी। इस फैसले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षाएं जून में आयोजित हुई थीं और करीब दो महीने बाद इन्हें रद्द किया गया। उनका सवाल है कि प्रश्नपत्रों में मौजूद गंभीर खामियां परीक्षा से पहले क्यों नहीं पकड़ी गईं। उन्होंने कहा कि हजारों अभ्यर्थियों ने परीक्षा की तैयारी में वर्षों लगाए, फीस जमा की और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए यात्रा की, लेकिन अब उन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी।
प्रश्नपत्रों में मिलीं कई तरह की गड़बड़ियां
जानकारी के मुताबिक, अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी गलतियां पाई गईं। कुछ प्रमुख विद्वानों के नाम और किताबों के शीर्षकों में भी त्रुटियां थीं। इसके अलावा कुछ प्रश्न ऐसे पाए गए जो पिछली परीक्षाओं में पहले ही पूछे जा चुके थे।
राहुल गांधी ने NTA की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था में गलती होने पर उसका खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने जैसी किसी घटना की जांच हुई है।
जयराम रमेश ने पूछा- छात्रों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी परीक्षा रद्द होने में हुई देरी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर प्रश्नपत्रों में इतनी गंभीर गलतियां थीं तो उन्हें पहचानने में करीब दो महीने क्यों लगे। उन्होंने यह भी पूछा कि इस देरी के कारण जिन छात्रों को विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक सत्र में प्रवेश से नुकसान हो सकता है, उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
उन्होंने कहा कि सवाल सिर्फ तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने का भी है। कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि अन्य विषयों में परीक्षा दे चुके अभ्यर्थियों के परिणाम में देरी क्यों हो रही है।
UGC-NET के अंग्रेजी और कॉमर्स विषय की दोबारा परीक्षा 9 सितंबर को होगी, जबकि समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को आयोजित की जाएगी। परीक्षा रद्द होने के बाद अब अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी होगी।



