यूपीडा का जिम्मा नंदी से वापस, अब मुख्यमंत्री योगी खुद संभालेंगे विभाग; अखिलेश यादव ने कसा तंज

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ से उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) का कार्यभार वापस ले लिया है। अब यूपीडा से जुड़े सभी काम सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देखरेख में होंगे।
सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, यूपीडा से संबंधित सभी कार्य अब अवस्थापना विकास अनुभाग को सौंप दिए गए हैं, जो सीधे मुख्यमंत्री के अधीन कार्य करता है। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
अखिलेश यादव ने साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस फैसले पर सरकार को घेरते हुए सोशल मीडिया पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब एक्सप्रेस-वे परियोजनाएं पूरी हो गईं और भ्रष्टाचार का लक्ष्य हासिल हो गया, तब विभाग हटाने का फैसला लिया गया।
अखिलेश ने दावा किया कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में अपने प्रत्याशी बदलने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता में बढ़ते आक्रोश और भाजपा सरकार की नीतियों के कारण पार्टी के मौजूदा विधायकों की जीत की संभावनाएं कमजोर हो गई हैं।

यूपीडा की अहम भूमिका
यूपीडा प्रदेश की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का संचालन करता है। इसके तहत गंगा एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे जैसी बड़ी परियोजनाओं का निर्माण और निगरानी की जाती है। भूमि अधिग्रहण, टेंडर प्रक्रिया और निवेशकों के साथ समन्वय जैसे कार्य भी यूपीडा के दायरे में आते हैं।
सरकार ने बताई वजह
सचिवालय के आदेश में कहा गया है कि अवस्थापना विकास अनुभाग पहले से ही बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं की योजना और समन्वय का काम देख रहा है। ऐसे में यूपीडा के कार्यों को भी उसी विभाग के अधीन लाने से निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और परियोजनाओं के संचालन में बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जा सकेगा।

