अमेरिका-ईरान शांति समझौता अंतिम चरण में, होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की उम्मीद

अमेरिका और ईरान के बीच पिछले तीन महीनों से जारी तनाव को समाप्त करने के लिए शांति समझौता अंतिम चरण में पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव कम होने की उम्मीद है।
ट्रंप के अनुसार, समझौते के बाद ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए फिर से खोल दिया जाएगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी संकेत दिया है कि अगले 24 घंटों में समझौता अंतिम रूप ले सकता है।
हालांकि, ईरान ने अभी तक किसी निश्चित तारीख की पुष्टि नहीं की है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि समझौता जल्द हो सकता है, लेकिन इसके लिए अभी अंतिम सहमति बाकी है।
समझौते के प्रमुख बिंदु
- ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलेगा।
- अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटाएगा।
- समुद्री मार्गों में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाया जाएगा।
- विदेशों में फंसी ईरान की अरबों डॉलर की संपत्तियों को चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाएगा।
- तेल निर्यात से जुड़े कुछ प्रतिबंधों में राहत दी जा सकती है।
- परमाणु कार्यक्रम पर अगले 60 दिनों तक अलग से विस्तृत वार्ता होगी।
परमाणु मुद्दे पर दोनों देशों के बीच अभी भी कुछ मतभेद बने हुए हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को नष्ट करे या देश से बाहर भेजे, जबकि ईरान कम संवर्धित यूरेनियम अपने पास रखने की बात कर रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि दोनों पक्ष समझौते के काफी करीब हैं, लेकिन अंतिम दस्तावेज पर सहमति बनने तक कुछ शर्तों में बदलाव संभव है। यदि यह समझौता सफल होता है, तो इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।

