वेदांता डीमर्जर के बाद शेयर बाजार में उतरीं चार नई कंपनियां, वेदांता पावर की दमदार शुरुआत

दिग्गज कारोबारी अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता समूह के डीमर्जर के बाद चार नई कंपनियों के शेयर सोमवार को शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो गए। इनमें वेदांता पावर ने मजबूत शुरुआत की, जबकि अन्य तीन कंपनियों के शेयरों में दबाव देखने को मिला।
वेदांता पावर की शानदार लिस्टिंग
वेदांता पावर का शेयर:
- NSE पर 41.80 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ।
- BSE पर 41.30 रुपये पर लिस्ट हुआ।
- कंपनी का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) करीब 16,150 करोड़ रुपये रहा।
विशेषज्ञों ने पहले ही अनुमान लगाया था कि शेयर 35 से 60 रुपये के दायरे में सूचीबद्ध हो सकता है। कंपनी को शुरुआती दौर में ट्रेड-टू-ट्रेड (T2T) सेगमेंट में रखा गया है, जहां हर सौदे में अनिवार्य डिलीवरी लेनी होगी।
बिजली क्षेत्र में मजबूत मौजूदगी
वेदांता पावर के पास देश के विभिन्न राज्यों में 4 गीगावाट से अधिक की स्थापित क्षमता है।
- पंजाब के तलवंडी साबो में 1,980 मेगावाट
- आंध्र प्रदेश में 1,000 मेगावाट
- ओडिशा के झारसुगुड़ा में 600 मेगावाट
- छत्तीसगढ़ के सक्ती में 600 मेगावाट चालू और 600 मेगावाट परियोजना अंतिम चरण में
कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2033 तक देश की शीर्ष तीन निजी थर्मल पावर कंपनियों में शामिल होना है।
अन्य तीन कंपनियों का प्रदर्शन
वेदांता ऑयल एंड गैस
- BSE पर 39 रुपये और NSE पर 38 रुपये पर लिस्टिंग
- लिस्टिंग के बाद करीब 5 फीसदी की गिरावट
- लोअर सर्किट लगकर BSE पर 37.05 रुपये और NSE पर 36.10 रुपये पर पहुंचा
- मार्केट कैप 14,400 करोड़ रुपये से अधिक
वेदांता एल्युमिनियम मेटल
- BSE पर 527 रुपये और NSE पर 522 रुपये पर सूचीबद्ध
- करीब 5 फीसदी की गिरावट
- BSE पर 500.65 रुपये और NSE पर 495.90 रुपये पर लोअर सर्किट
- मार्केट कैप 1.95 लाख करोड़ रुपये से अधिक
वेदांता आयरन एंड स्टील
- BSE पर 22.25 रुपये और NSE पर 20 रुपये पर लिस्टिंग
- शुरुआती कारोबार में करीब 12 फीसदी तक गिरावट
- NSE पर 19.06 रुपये तक फिसला
- बाद में रिकवरी करते हुए 21.06 रुपये तक पहुंचा
- मार्केट कैप 8,200 करोड़ रुपये से अधिक
मिला-जुला रहा निवेशकों का रुख
डीमर्जर के बाद सूचीबद्ध हुई चार कंपनियों में से केवल वेदांता पावर ने मजबूत शुरुआत की। वहीं ऑयल एंड गैस, एल्युमिनियम मेटल और आयरन एंड स्टील कंपनियों के शेयरों में शुरुआती बिकवाली देखने को मिली। अब निवेशकों की नजर इन कंपनियों के भविष्य के प्रदर्शन और कारोबार विस्तार पर रहेगी।

