बहरामपुर से चुनाव लड़ना चाहती थी ममता बनर्जी, यूसुफ पठान ने इस्तीफे से किया इनकार

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा चुनाव के बाद भी हलचल थमने का नाम नहीं ले रही है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर बढ़ती नाराजगी के बीच पार्टी सांसद यूसुफ पठान ने बहरामपुर लोकसभा सीट से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने यूसुफ पठान से बहरामपुर सीट खाली करने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। यूसुफ पठान का कहना है कि उन्हें जनता का जनादेश मिला है और केवल दो साल पहले ही लोगों ने उन्हें चुनकर संसद भेजा है। ऐसे में वे मतदाताओं के विश्वास को नजरअंदाज नहीं कर सकते और इस्तीफा नहीं देंगे।
इस बीच ऐसी चर्चाएं भी सामने आईं कि ममता बनर्जी ने पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली से यूसुफ पठान को मनाने का अनुरोध किया था। हालांकि, सौरव गांगुली ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने इस संबंध में कोई बातचीत नहीं की है।
यूसुफ पठान के इनकार के बाद अब ममता बनर्जी के बशीरहाट लोकसभा सीट से संसद पहुंचने की संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने कहा है कि यदि ममता बशीरहाट से चुनाव लड़ना चाहें तो वह उनका समर्थन करेंगे।
उधर, पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि कई वरिष्ठ सांसद पार्टी की कार्यशैली और नेतृत्व से नाराज हैं। कुछ सांसदों ने खुलकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की है।
टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सदन के भीतर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। वहीं वरिष्ठ नेताओं सुखेंदु शेखर राय और शांतनु सेन ने भी पार्टी के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी के भीतर बढ़ती असहमति आने वाले दिनों में टीएमसी के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकती है।

