सीरिया के प्राचीन इलाके से मिले दुनिया की शुरुआती खेती के सबूत
सीरिया के प्राचीन इलाके से मिले दुनिया की शुरुआती खेती के सबूत

नई दिल्ली। भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है और आज दुनिया की बड़ी आबादी खेती(Farming)-किसानी पर निर्भर है, लेकिन मानव सभ्यता के इतिहास में खेती की शुरुआत भारत में नहीं हुई थी। वैज्ञानिकों और इतिहासकारों के अनुसार, करीब 12 हजार साल पहले मध्य पूर्व के फर्टाइल क्रेसेंट क्षेत्र में इंसानों ने पहली बार व्यवस्थित रूप से खेती शुरू की थी। इस क्षेत्र में वर्तमान सीरिया, तुर्की, इराक और जॉर्डन के कुछ हिस्से शामिल हैं।
अबू हुरैरा में मिले किसानी के खेती
पुरातात्विक अध्ययनों में सीरिया के प्राचीन स्थल अबू हुरैरा से ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिन्हें शुरुआती खेती(Farming) गतिविधियों से जोड़ा जाता है। उस समय इंसान मुख्य रूप से शिकार और जंगलों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों पर निर्भर था। जलवायु परिवर्तन और जंगली अनाज की कमी के कारण लोगों ने गेहूं और जौ के दानों को एकत्र कर उन्हें जमीन में बोना शुरू किया। बाद में मटर और मसूर जैसी फसलें भी उगाई जाने लगीं।
इतिहास में पन्ने आज भी दर्ज नहीं है पहले किसान का नाम
विशेषज्ञों का मानना है कि खेती(Farming) की शुरुआत मानव इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव साबित हुई। इसके बाद लोग एक स्थान पर स्थायी रूप से बसने लगे, गांवों और बस्तियों का विकास हुआ और आगे चलकर बड़ी-बड़ी सभ्यताओं की नींव पड़ी।हालांकि, जिस व्यक्ति या समुदाय ने सबसे पहले खेती शुरू की, उसका नाम इतिहास में दर्ज नहीं है। इसके बावजूद माना जाता है कि उसी अनजान किसान की पहल ने मानव जीवन को खानाबदोश संस्कृति से निकालकर स्थायी बसावट और आधुनिक समाज की दिशा में आगे बढ़ाया।

