Chhattisgarh

यूसीसी पर जल्द फैसला, सेवानिवृत्त न्यायाधीश की कमेटी लेगी सुझाव : अरुण साव

आदिवासी समाज पर नहीं पड़ेगा कोई प्रतिकूल प्रभाव

रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। उप मुख्यमंत्री अरुण(Arun) साव ने गुरुवार को नवा रायपुर स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा के दौरान बताया कि राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। यह समिति समाज के विभिन्न वर्गों और संगठनों से सुझाव लेकर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

अरुण(Arun) साव ने कहा कि समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट और सुझावों पर विचार करने के बाद राज्य सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की जा चुकी है और इसे व्यापक समर्थन मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान निर्माताओं ने राज्यों को इस संबंध में अधिकार दिए हैं और छत्तीसगढ़ की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह पहल की जा रही है।

उप मुख्यमंत्रीअरुण(Arun) साव ने विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि समान नागरिक संहिता से आदिवासी समाज के अधिकारों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों के सुझावों को ध्यान में रखकर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

इस दौरान अरुण साव ने कांग्रेस पर राजनीतिक हमला भी बोला। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी हार के कारण कांग्रेस में निराशा बढ़ी है, जबकि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश के अधिकांश हिस्सों में भाजपा और उसके सहयोगी दलों की सरकारें हैं।

उप मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों में एल्डरमैन नियुक्ति को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नगर निगम और नगर पालिका अधिनियम के तहत विशेषज्ञों को एल्डरमैन नियुक्त करने का प्रावधान है। इसी के तहत रायपुर और सरगुजा संभाग के नगरीय निकायों में नियुक्तियां की गई हैं और शेष संभागों में भी जल्द नियुक्तियां की जाएंगी।

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