नव्या मलिक ड्रग्स केस में ED की एंट्री, पुलिस से मांगी चार्जशीट
हाईकोर्ट से जमानत के बाद अब ED के रडार पर ड्रग्स सिंडीकेट

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित और हाईप्रोफाइल नव्या(Navya) मलिक ड्रग्स मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने मामले में पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट की कॉपी मांगी है। इसके बाद अब मामले में मनी लॉन्ड्रिंग, मनी ट्रेल और कथित ब्लैकमनी के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच की जाएगी। ED की एंट्री के बाद इस हाईप्रोफाइल ड्रग्स सिंडीकेट से जुड़े उन लोगों की बेचैनी बढ़ गई है, जिनके नाम अब तक सार्वजनिक नहीं हो पाए हैं।
नव्या मलिक के तीन मोबाइल से खुले थे कई राज, अब ED खंगालेगी मनी ट्रेल
दरअसल, रायपुर में सामने आए एमडीएमए तस्करी के इस मामले में पुलिस ने नव्या मलिक को पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया था। जांच के दौरान नव्या(Navya) मलिक के तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए थे। इन मोबाइलों से कई नेताओं, कारोबारियों और प्रभावशाली लोगों से संपर्क के संकेत मिलने की बात सामने आई थी। पुलिस ने मामले में नव्या मलिक के अलावा अयान परवेज, विधि अग्रवाल, ऋषिराज टंडन, सोहेल खान, जुनैद अख्तर, हर्ष आहुजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया को गिरफ्तार किया था। हालांकि बाद में सभी आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई।
जांच के दौरान कई हाईप्रोफाइल नामों की चर्चा भी सामने आई थी। इनमें एक विधायक के रिश्तेदार, होटल व्यवसायी, कार कारोबारी, इंटीरियर डिजाइनिंग से जुड़े कारोबारी और कुछ राजनीतिक लोगों के नाम शामिल बताए गए थे। पुलिस जांच में करीब 800 ऐसे लोगों की पहचान होने की बात सामने आई थी, जो कथित तौर पर ड्रग्स का सेवन करते थे। इसके अलावा कई नाइट क्लबों के मैनेजर और बाउंसरों के इस नेटवर्क से जुड़े होने की भी जानकारी सामने आई थी।
जांच एजेंसियों को नव्या(Navya) मलिक के विदेश दौरों की भी जानकारी मिली थी। बताया गया था कि उसके साथ शहर के कुछ रईसजादे भी विदेश यात्राओं पर गए थे। इस पूरे मामले ने प्रदेश की राजनीति में भी हलचल मचा दी थी। विधानसभा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मुद्दे को उठाते हुए मामले की गहन जांच की मांग की थी।
हालांकि पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ ही चालान पेश कर दिया और वर्तमान में मामला अदालत में विचाराधीन है। सूत्रों के मुताबिक अब तक आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की विस्तृत जांच नहीं हो पाई है। ऐसे में ED की एंट्री को बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वित्तीय लेनदेन और मनी ट्रेल की जांच के दौरान ड्रग्स सिंडीकेट से जुड़े कई और नामों का खुलासा हो सकता है।
फिलहाल, पुलिस की चार्जशीट के आधार पर ED पूरे मामले में आर्थिक लेनदेन और अवैध धन के स्रोतों की पड़ताल में जुट गई है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के इस हाईप्रोफाइल ड्रग्स मामले में आने वाले दिनों में कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

