अब कैमरों की नजर में रहेगा बिलासपुर, अपराधियों पर कसेगा शिकंजा
बिना सरकारी बजट के बदलेगी न्यायधानी की सुरक्षा व्यवस्था

बिलासपुर। शहर को सुरक्षित और आधुनिक निगरानी व्यवस्था से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने ‘त्रिनेत्र योजना’ की शुरुआत की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पूरे बिलासपुर(Bilaspur) शहर में करीब 1000 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि लगभग 10 करोड़ रुपये की इस परियोजना को बिना किसी सरकारी बजट के, जनसहयोग और विभिन्न संस्थाओं के CSR फंड की मदद से पूरा किया जाएगा।
कैमरों की निगरानी के लिए अधीक्षक कार्यालय में होगा इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम
जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह की पहल पर शुरू की गई इस योजना में 100 एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे, 400 वैरीफोकल कैमरे, 20 पीटीजेड (पैन-टिल्ट-ज़ूम) कैमरे और 50 हाई-फोकस कैमरे शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर लगाए जाएंगे। इन सभी कैमरों की निगरानी के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम तैयार किया जा रहा है, जहां एक साथ सभी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी।
पुलिस का मानना है कि इस तकनीकी व्यवस्था से चोरी, लूट, सड़क हादसों और अन्य आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। कैमरों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों और वाहनों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई संभव होगी। इसके लिए बिलासपुर(Bilaspur) के व्यापारियों, समाजसेवियों, नागरिकों और औद्योगिक संस्थानों से भी सहयोग की अपील की गई है।
समाधान ऐप भी लांच करेगी बिलासपुर पुलिस
इसी के साथ बिलासपुर(Bilaspur) पुलिस ने ‘समाधान ऐप’ भी लॉन्च किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए शहर के होटल, लॉज, हॉस्टल और पीजी में ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी सीधे पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल तक पहुंचेगी। पुलिस का कहना है कि यह व्यवस्था अपराधियों की पहचान और ट्रैकिंग में काफी मददगार साबित होगी तथा शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी।

