ChhattisgarhSarguja

मासूम बेटी रोते-रोते हाथ झटकती रही,

पिता ने देखा तो काला पड़ चुका था पंजा... डॉक्टर बोले- करैत सांप ने डसा, नहीं बच सकी जान

अंबिकापुर-छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच सर्पदंश की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। बलरामपुर-रामानुजगंज और सरगुजा जिले में जहरीले सांप के काटने से दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई। एक घटना में दो वर्षीय बच्ची को खेलते समय सांप ने डस लिया, लेकिन परिवार को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। वहीं दूसरी घटना में नौ वर्षीय बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

खेलतेखेलते सांप ने डसा, शाम तक बिगड़ गई मासूम की हालत

पहली घटना बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के तातापानी पुलिस चौकी क्षेत्र के सारंगपुर गांव की है। यहां जाहुद अंसारी की दो वर्षीय बेटी जैनब खातून 5 जुलाई को घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान उसे जहरीले सांप ने डस लिया, लेकिन परिवार के किसी सदस्य को इसका पता नहीं चला।

शाम करीब छह बजे जब पिता काम से घर लौटे तो उन्होंने देखा कि उनकी बेटी लगातार रो रही थी और अपने दाहिने हाथ को बार-बार झटक रही थी। बच्ची का पंजा काला पड़ चुका था, हाथ में सूजन थी और मुंह से झाग भी निकल रहा था। यह देखकर परिजन घबरा गए और तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।

डॉक्टर बोलेकरैत सांप ने डसा था

बलरामपुर जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्ची को करैत सांप ने डसा है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर हालत में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। परिजन संजीवनी 108 एंबुलेंस से बच्ची को लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

मासूम बेटी की मौत के बाद माता-पिता और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

सरगुजा में भी 9 साल की बच्ची की गई जान

दूसरी घटना सरगुजा जिले के गांधीनगर थाना क्षेत्र के डिगमा (सरगवां) गांव की है। यहां नौ वर्षीय नियति हाजरा को जहरीले सांप ने डस लिया।

उसके पिता निवारण हाजरा, जो कोरिया जिले की चरचा माइंस में कार्यरत हैं, छुट्टी लेकर घर पहुंचे तो उन्हें जानकारी मिली कि बेटी को सांप ने काट लिया है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वे तुरंत अस्पताल पहुंचे, जहां बच्ची बेहोश हालत में इलाज करा रही थी। तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप घरों और आबादी वाले इलाकों की ओर निकल आते हैं। ऐसे समय में बच्चों को घर के बाहर अकेले खेलने से बचाना चाहिए और घर के आसपास साफ-सफाई रखना जरूरी है।

यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो झाड़-फूंक या घरेलू इलाज के भरोसे रहने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना चाहिए। समय पर इलाज मिलने से कई मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।

थोड़ी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी

बलरामपुर और सरगुजा की ये दोनों घटनाएं एक बार फिर यह याद दिलाती हैं कि बारिश के मौसम में सर्पदंश को हल्के में लेना बेहद खतरनाक हो सकता है। थोड़ी सी सतर्कता और समय पर इलाज कई अनमोल जिंदगियां बचा सकता है। वहीं इन दो मासूम बच्चियों की मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।

 

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