रायपुर में 10 लाख की लूट का खुलासा, कंपनी का कर्मचारी ही निकला मास्टरमाइंड
मजदूरों के भुगतान की रकम पर डाली नजर,CCTV से खुली अंदरूनी साजिश की परतें

रायपुर। राजधानी के मंदिर हसौद क्षेत्र में मजदूरों के भुगतान के लिए ले जाए जा रहे 10 लाख रुपये की लूट(loot) के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि लूट वारदात का मास्टरमाइंड उसी निर्माण कंपनी का एक कर्मचारी था, जिसे नकदी के आवागमन और कंपनी की गतिविधियों की पूरी जानकारी थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 9.70 लाख रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल किया गया स्कूटर और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
चाकू दिखाकर धमकाया और नकदी लेकर फरार
पुलिस के अनुसार, समता कॉलोनी स्थित एक निर्माण कंपनी के कर्मचारी विद्यासागर डहरिया को 16 जून को मजदूरों के भुगतान के लिए 10 लाख रुपये दिए गए थे। वह रकम लेकर नया रायपुर के सेक्टर-26 स्थित साइट की ओर जा रहा था। शाम करीब 6 बजे सेरीखेड़ी मार्ग स्थित ओवरब्रिज के पास दो बाइक सवार बदमाशों ने उसे रोक लिया। विरोध करने पर एक आरोपी ने चाकू दिखाकर धमकाया और नकदी से भरा बैग लूट(loot) कर फरार हो गए।
ऑफिस बॉय दिनेश राव पर पुलिस टीम को हुआ शक
घटना की सूचना मिलते ही मंदिर हसौद थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने संयुक्त जांच शुरू की। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कंपनी के कर्मचारियों की गतिविधियों की भी जांच की। इसी दौरान कंपनी में ऑफिस बॉय के रूप में काम करने वाले 22 वर्षीय दिनेश राव की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह वर्ष 2022 से कंपनी में कार्यरत था और उसे यह जानकारी रहती थी कि कब और किस उद्देश्य से बड़ी रकम एक स्थान से दूसरे स्थान भेजी जाती है। पुलिस के मुताबिक, उसने करीब एक माह पहले ही लूट(loot) की योजना बनाई थी और इसमें अपने रिश्ते के भाई तथा उसके एक साथी को शामिल किया था।
जांच में यह भी सामने आया कि घटना वाले दिन दिनेश राव लगातार पीड़ित कर्मचारी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए था। उसने अपने साथियों को फोन कर बुलाया और उन्हें पीड़ित की पहचान कराई। इसके बाद दोनों आरोपियों ने रास्ते में रोककर नकदी से भरा बैग लूट लिया। वारदात के बाद तीनों अमलेश्वर क्षेत्र में मिले, जहां लूटी गई रकम का बंटवारा किया गया। मुख्य आरोपी ने अपने दोनों साथियों को 30-30 हजार रुपये दिए और बाकी राशि अपने पास रख ली।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 9 लाख 70 हजार रुपये नकद, सीजी-04-क्यूके-6037 नंबर का बर्गमैन स्कूटर और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। जब्त सामान की कुल कीमत लगभग 10.80 लाख रुपये आंकी गई है।फिलहाल मामले में शामिल दो अन्य आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

