Chhattisgarh

धमतरी में दर्दनाक हादसा:

तालाब में डूबने से दो मासूम चचेरी बहनों की मौत, गांव में पसरा मातम

धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से शुक्रवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मगरलोड विकासखंड के ग्राम कपालफोड़ी में तालाब में डूबने से दो सात वर्षीय चचेरी बहनों की मौत हो गई। दोनों बच्चियां सुबह घर से नहाने के लिए निकली थीं, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटीं। बाद में ग्रामीणों ने उन्हें तालाब से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

सुबह नहाने निकली थीं दोनों बच्चियां

जानकारी के अनुसार, ग्राम कपालफोड़ी निवासी खुशबू साहू (7 वर्ष) और उसकी चचेरी बहन गीतिका साहू (7 वर्ष) शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे गांव के बाजार चौक स्थित तालाब में नहाने के लिए गई थीं। यह तालाब उनके घर से लगभग 300 मीटर की दूरी पर स्थित है।

तालाब किनारे कपड़े मिले, बढ़ी अनहोनी की आशंका

करीब एक घंटे बाद भी जब दोनों बच्चियां घर नहीं लौटीं तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान ग्रामीणों की नजर तालाब के घाट पर पड़े दोनों बच्चियों के कपड़ों पर पड़ी। कपड़े देखकर लोगों को अनहोनी की आशंका हुई और तुरंत तालाब में खोजबीन शुरू की गई।

तलाश के दौरान तालाब में मिलीं दोनों बच्चियां

ग्रामीणों ने काफी देर तक तलाश की, जिसके बाद दोनों बच्चियां तालाब में डूबी हुई मिलीं। उन्हें तत्काल बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

गांव में छाया मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

एक साथ दो मासूम बच्चियों की मौत की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं और हर किसी की आंखें नम हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। दोनों बच्चियों के शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में इसे तालाब में डूबने से हुई दुर्घटना माना जा रहा है। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करता है। बरसात के मौसम में तालाब, नदी और अन्य जलाशयों के आसपास छोटे बच्चों पर विशेष निगरानी रखना बेहद जरूरी है। ग्रामीणों ने भी अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को अकेले जलाशयों के पास न जाने दें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

 

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