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Chhattisgarh

ऑनलाइन सट्टे से बनाई करोड़ों की प्रॉपर्टी, सटोरी बाबू खेमानी की 1.42 करोड़ की संपत्ति होगी कुर्क

रायपुर। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा ऐप ‘3 STUMPS’ के जरिए कथित तौर पर अवैध कमाई करने के मामले में बाबू उर्फ गुलशन खेमानी (Babu Khemani) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रायपुर की अदालत ने उसकी करीब 1.42 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। इसमें छत्तीसगढ़ में जमीन, महाराष्ट्र में व्यावसायिक दुकान और बैंक खातों में जमा रकम शामिल है। पुलिस ने जांच में इन संपत्तियों को सट्टे से अर्जित रकम से खरीदा हुआ बताया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर ने 16 अक्टूबर को संपत्ति जब्ती के संबंध में आदेश जारी किया।

गुलशन खेमानी को 16 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया था। वह फिलहाल जेल में है। पुलिस इस मामले में उसके समेत 29 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पहले करीब 1.20 करोड़ रुपए कीमत के सामान और वाहन जब्त किए गए थे। अब आरोपियों की संपत्तियों पर कार्रवाई कर सट्टा कारोबार से जुड़े आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

कॉल सेंटर, मोबाइल नंबर और बैंक खातों से चलता था नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक, 13 अप्रैल 2026 को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गंज थाना पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा ऐप ‘3 STUMPS’ से जुड़े गिरोह का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि खेमानी अपने सहयोगियों की मदद से कॉल सेंटर, अलग-अलग मोबाइल नंबर और बैंक खातों के जरिए सट्टे का कारोबार संचालित करता था। इस नेटवर्क के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट मैचों पर दांव लगवाए जाते थे।

पुलिस के अनुसार, सट्टे से मिलने वाली रकम पहले दूसरे लोगों के बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। इसके बाद अलग-अलग माध्यमों से रकम अपने खातों में ट्रांसफर की जाती थी। इस काम में सहयोग करने वाले लोगों को कमीशन दिया जाता था। जांच एजेंसी को संदेह है कि लेन-देन के लिए इस्तेमाल किए गए खातों का उद्देश्य पैसों के वास्तविक स्रोत और उनके लाभार्थियों की पहचान छिपाना था।

इस मामले में गंज थाने में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

महादेव ऐप की तर्ज पर बनाए थे कई ऑनलाइन पैनल

जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, खेमानी (Babu Khemani) कथित तौर पर महादेव ऐप की तर्ज पर ‘3 STUMPS’ नाम से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टा संचालित कर रहा था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वह पिछले करीब ढाई साल से रेड्डी ग्रुप, बजरंग ग्रुप, मेट्रो 65 और डायमंड मास्टर जैसे ऑनलाइन पैनलों से भी जुड़ा था।

इस नेटवर्क में अलग-अलग शहरों में बैठे ऑपरेटरों की भूमिका बताई गई है। ये ऑपरेटर यूजर्स को जोड़ने, दांव लगवाने और पैसों के लेन-देन का काम संभालते थे। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और अलग-अलग बैंक खातों के इस्तेमाल से पूरे नेटवर्क का संचालन किया जाता था।

पुलिस की जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि सट्टे से जुटाई गई रकम किन खातों में पहुंची और उससे कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदी गईं। इसी आधार पर संपत्तियों को अपराध से अर्जित धन से जोड़ते हुए अदालत में जब्ती के लिए आवेदन दिया गया था।

जमीन, दुकान और बैंक डिपॉजिट पर कार्रवाई

अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने संबंधित राजस्व अधिकारियों, पंजीयन कार्यालयों और बैंक प्रबंधन को पत्र भेजे हैं। संपत्तियों के हस्तांतरण और बैंक खातों में जमा रकम निकालने पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। संबंधित जिलों के कलेक्टरों को भी आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए पत्र भेजे गए हैं।

पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध के मामलों में केवल आरोपियों को गिरफ्तार करना पर्याप्त नहीं है। अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन पर कानूनी कार्रवाई करना भी जरूरी है। इससे गिरोह के आर्थिक संसाधनों पर रोक लगाई जा सकती है और अवैध कारोबार को दोबारा खड़ा करने की संभावनाएं कम की जा सकती हैं।

अब अवैध कमाई के नेटवर्क की जांच पर जोर

बाबू खेमानी (Babu Khemani) से जुड़े मामले में पुलिस अब सट्टे से अर्जित रकम, बैंक खातों के इस्तेमाल और संपत्तियों की खरीद के बीच संबंधों की जांच कर रही है। करीब 1.42 करोड़ रुपए की संपत्ति पर कार्रवाई इसी जांच का हिस्सा है। पुलिस पहले ही सामान और वाहन जब्त कर चुकी है। अब जमीन, व्यावसायिक दुकान और बैंक में जमा रकम पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य ऑनलाइन सट्टे से जुड़े गिरोह की आर्थिक ताकत को कमजोर करना है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों और संपत्तियों के अपराध से अर्जित होने संबंधी दावों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

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