फ्रांस में महंगाई और शिक्षा बजट के खिलाफ सड़कों पर उतरे 4.10 लाख लोग, करीब 1,000 गिरफ्तार

फ्रांस में महंगाई और स्कूलों के बजट में कटौती के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं। शनिवार को देशभर में करीब 4.10 लाख लोग सड़कों पर उतरे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगहों पर झड़पें हुईं। फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, राजधानी पेरिस में ही लगभग 1.10 लाख लोगों ने प्रदर्शन किया। हिंसक घटनाओं के बीच करीब 1,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया। हालात नियंत्रित रखने के लिए देशभर में लगभग 70 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, आंसू गैस का इस्तेमाल
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस को कई जगहों पर हिंसा का सामना करना पड़ा। उनके मुताबिक, काले कपड़े पहने कुछ समूहों के साथ पुलिस की गंभीर झड़पें हुईं। अधिकारियों ने इन समूहों को अति-वामपंथी चरमपंथी बताया। पेरिस में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। इससे पहले भी देश के कई शहरों में हिंसा, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं सामने आई थीं।
मैक्रों सरकार पर बढ़ा दबाव, बजट वापस लेने की मांग
फ्रांस में मई 2027 में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। ऐसे में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों से राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। सरकार ने पुलिस को प्रदर्शनकारियों को शहरों के प्रमुख इलाकों, दुकानों और व्यावसायिक क्षेत्रों से दूर रखने के निर्देश दिए हैं। पेरिस समेत कुछ शहरों के चुनिंदा इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीमित समय के प्रतिबंध भी लगाए गए हैं।
छात्र संगठनों और मजदूर यूनियनों ने आंदोलन जारी रखने की बात कही
प्रदर्शन में शामिल छात्र संगठनों और मजदूर यूनियनों ने सरकार से प्रस्तावित बजट संबंधी फैसले वापस लेने की मांग की है। उनकी मांग है कि शिक्षा और अन्य जरूरी सार्वजनिक सेवाओं के लिए अधिक धन उपलब्ध कराया जाए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। छात्र संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखा जा सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में मैक्रों सरकार के सामने राजनीतिक और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।



