ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनेर से जुड़े 2 अरब डॉलर के गुप्त खातों का दावा, UAE और सऊदी नेताओं के नाम आए सामने

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और पूर्व सलाहकार जेरेड कुशनेर से जुड़े कथित गुप्त वित्तीय लेनदेन को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। खोजी पत्रकार मैथ्यू कोल की आगामी किताब Princes and Thieves के अंश में दावा किया गया है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से जुड़े करीब 2 अरब डॉलर की रकम ऐसे बैंक खातों में जमा की गई थी, जिन तक कुशनेर की पहुंच थी। यह रिपोर्ट Vanity Fair में प्रकाशित हुई है। हालांकि, कुशनेर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
डच खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर खुलासा
मैथ्यू कोल के मुताबिक, वर्ष 2020 में उन्हें डच खुफिया अधिकारियों से ऐसी जानकारी मिली थी, जिसमें दावा किया गया कि रूसी हैकर की मदद से जेरेड कुशनेर के आईफोन तक पहुंच हासिल की गई थी। इसके बाद कथित तौर पर उनके फोन की गतिविधियों पर नजर रखी गई और विदेशों से जुड़े बैंक खातों की जानकारी सामने आई।
रिपोर्ट के अनुसार, एक खाते में अजरबैजान के रास्ते करीब 750 मिलियन डॉलर यानी 75 करोड़ डॉलर की रकम पहुंची थी। यह खाता UAE सरकार से वित्तपोषित वतानी अल एमरात फाउंडेशन से जुड़ा बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुशनेर इस खाते में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता थे, हालांकि खाता उनके निजी स्वामित्व में नहीं था।
UAE और सऊदी अरब के नेताओं से जुड़े खातों का दावा
रिपोर्ट में कम से कम दो बैंक खातों में करीब 2 अरब डॉलर की रकम जमा होने का दावा किया गया है। इनमें से एक खाते को कथित तौर पर मध्य पूर्व से जुड़ी विदेश नीति के उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने की योजना थी। दूसरे खाते में करीब 1 अरब डॉलर के लेनदेन का जिक्र है, जिसे रिपोर्ट में कुशनेर के निजी लाभ से जुड़ा बताया गया है।
मैथ्यू कोल के अनुसार, इन वित्तीय व्यवस्थाओं का संबंध ट्रंप प्रशासन की मध्य पूर्व नीति और UAE, सऊदी अरब तथा इजराइल के बीच कूटनीतिक संबंधों से हो सकता था। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक कथित लेनदेन के संबंध में भूमिका निभाई थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रंप प्रशासन में कुशनेर की भूमिका पर सवाल
जेरेड कुशनेर, डोनाल्ड ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस में वरिष्ठ सलाहकार थे। उन्होंने मध्य पूर्व में अमेरिका की कूटनीतिक पहल और इजराइल तथा कुछ अरब देशों के बीच संबंध सामान्य करने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई थी।
रिपोर्ट में सवाल उठाया गया है कि विदेशी सरकारों से जुड़े इन खातों तक कुशनेर की पहुंच के बारे में अमेरिकी प्रशासन को जानकारी थी या नहीं और क्या संबंधित वित्तीय व्यवस्थाओं का खुलासा नियमानुसार किया गया था। यदि किसी राजनीतिक प्रभाव के बदले धन उपलब्ध कराया गया हो, तो इससे अमेरिकी कानूनों के तहत गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। हालांकि, किसी कानूनी उल्लंघन को अभी साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।
कुशनेर ने आरोपों को बताया मनगढ़ंत
जेरेड कुशनेर ने रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये दावे पूरी तरह गलत हैं और ऐसी घटनाएं कभी हुई ही नहीं। उन्होंने रिपोर्ट को मनगढ़ंत बताते हुए सवाल उठाया कि इसमें बैंक स्टेटमेंट, ट्रांसफर रिकॉर्ड, खाता संख्या और लेनदेन की तारीखों जैसे सत्यापन योग्य प्रमाण क्यों नहीं दिए गए।
कुशनेर के वकील ने भी कथित बैंक खाते के अस्तित्व से इनकार किया है। पूर्व अमेरिकी राजदूत डेविड फ्रीडमैन ने भी रिपोर्ट में उनसे संबंधित आरोपों को गलत बताया है।
फिलहाल, यह मामला खोजी पत्रकार मैथ्यू कोल की रिपोर्ट और आगामी किताब में किए गए दावों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और किसी आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आने तक इसे साबित रिश्वतखोरी का मामला कहना उचित नहीं होगा।



