अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत और मध्य एशिया के दौरे पर, ऊर्जा और व्यापार पर होगी चर्चा

नई दिल्ली। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर 2026 तक भारत और मध्य एशिया की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरे का उद्देश्य भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना तथा ऊर्जा, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है। यात्रा के दौरान रुबियो उज्बेकिस्तान के समरकंद के अलावा भारत के मुंबई और जामनगर का दौरा करेंगे।
उज्बेकिस्तान में C5+1 मंत्रिस्तरीय बैठक में होंगे शामिल
मार्को रुबियो अपनी यात्रा के दौरान सबसे पहले उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित होने वाली C5+1 मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक में अमेरिका और मध्य एशिया के देशों के बीच रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।
इस मंच के तहत अमेरिका की उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और किर्गिज गणराज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत होगी। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
रुबियो इस यात्रा में 200 से अधिक व्यापारिक नेताओं के अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी करेंगे। इसका उद्देश्य मध्य एशियाई देशों के साथ व्यापारिक संबंधों का विस्तार करना और नए निवेश अवसरों को बढ़ावा देना है।
भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी पर होगी बातचीत
मध्य एशिया की यात्रा के बाद मार्को रुबियो भारत पहुंचेंगे। इस साल भारत का यह उनका दूसरा दौरा होगा। भारत में वे उच्चस्तरीय सरकारी प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
बैठकों में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी बातचीत होगी। इसके अलावा व्यापार और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय कारोबारी प्रतिनिधियों से मुलाकात की योजना है।
मुंबई और जामनगर पर रहेगा विशेष फोकस
भारत दौरे के दौरान मुंबई और जामनगर में रुबियो की गतिविधियों का मुख्य केंद्र व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग रहेगा। इन शहरों की यात्रा के जरिए दोनों देशों के बीच कारोबारी संबंधों को आगे बढ़ाने और नए सहयोग के अवसर तलाशने पर जोर दिया जाएगा।
ऊर्जा और निवेश सहयोग को मिलेगी प्राथमिकता
वैश्विक राजनीति, क्षेत्रीय सुरक्षा और ऊर्जा जरूरतों के बदलते परिदृश्य में मार्को रुबियो की यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दौरे के दौरान होने वाली चर्चाओं में ऊर्जा सहयोग, व्यापार विस्तार और निवेश के नए अवसर प्रमुख मुद्दे होंगे।
इस यात्रा से भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक एवं आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।



