रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ओलेशकी में सीजफायर का ऐलान, 29 अक्टूबर से लागू होगा समझौता
मेलानिया ट्रंप ने कराया अस्थायी युद्धविराम; शहर में फंसे नागरिकों तक पहुंचाई जाएगी मदद, सुरक्षित रास्ते से निकाले जाएंगे लोग

दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध (Russia-Ukraine war) के बीच ओलेशकी शहर में अस्थायी युद्धविराम का ऐलान किया गया है। व्हाइट हाउस के बयान के मुताबिक, अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने दोनों देशों के बीच इस सीमित सीजफायर को कराने में भूमिका निभाई है। समझौता 29 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। इसके तहत शहर में कुछ समय के लिए सैन्य गतिविधियां रोकने पर सहमति बनी है, ताकि युद्ध के बीच फंसे नागरिकों तक मानवीय सहायता पहुंचाई जा सके और उन्हें सुरक्षित रास्ते से बाहर निकाला जा सके।
मेलानिया ट्रंप के कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, रूस और यूक्रेन ओलेशकी में अस्थायी रूप से सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए सहमत हुए हैं। इस समझौते का दायरा फिलहाल शहर तक सीमित है। इसे दोनों देशों के बीच व्यापक युद्धविराम या पूरे युद्ध को समाप्त करने के समझौते के रूप में नहीं देखा जा सकता।
युद्ध से तबाह शहर में फंसे हैं नागरिक
ओलेशकी युद्ध से बुरी तरह प्रभावित (Russia-Ukraine war) शहरों में शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां पहले करीब 24 हजार लोग रहते थे, लेकिन अब केवल लगभग 2 हजार निवासी ही बचे हैं। इनमें बड़ी संख्या बुजुर्गों की है। करीब 50 बच्चे भी शहर में मौजूद हैं। युद्ध के हालात और लगातार बनी असुरक्षा के कारण इन लोगों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने की चुनौती है।
शहर में भोजन की भारी कमी बताई गई है। ऐसे में अस्थायी युद्धविराम का सबसे अहम उद्देश्य नागरिकों तक जरूरी सामान पहुंचाना है। इसके साथ ही लोगों को सुरक्षित रास्ते से शहर से बाहर निकालने की योजना है। युद्धग्रस्त इलाके में सैन्य गतिविधियां रुकने से राहतकर्मियों को सहायता पहुंचाने और नागरिकों की निकासी के लिए अवसर मिल सकता है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि युद्धविराम कितने समय तक प्रभावी रहेगा और मानवीय सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया किन शर्तों के तहत संचालित होगी। इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों पक्ष समझौते का पालन करते हैं या नहीं और नागरिकों के लिए सुरक्षित रास्ता कितना प्रभावी साबित होता है।
रूस के कब्जे वाले इलाके में लागू होगा समझौता
ओलेशकी रूस के कब्जे वाले क्षेत्र में स्थित है। ऐसे इलाके में युद्धविराम लागू कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि सैन्य गतिविधियों पर रोक, राहत सामग्री की आवाजाही और नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए दोनों पक्षों के बीच समन्वय जरूरी होगा।
मेलानिया ट्रंप के कार्यालय के बयान में कहा गया है कि रूस और यूक्रेन इस क्षेत्र में अस्थायी तौर पर सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए हैं। 29 अक्टूबर से शुरू होने वाला यह विराम मुख्य रूप से मानवीय जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। इसका मकसद युद्ध के बीच फंसे लोगों को राहत देना है।
युद्ध के दौरान आम नागरिकों को भोजन, पानी, दवाइयों और सुरक्षित ठिकाने जैसी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत होती है। लगातार जारी सैन्य कार्रवाई इन सुविधाओं तक पहुंच को मुश्किल बना देती है। ऐसे में सीमित अवधि का सीजफायर भी राहत अभियान चलाने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
ट्रंप प्रशासन की युद्ध खत्म करने की कोशिशें तेज
ओलेशकी में युद्धविराम का ऐलान ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के प्रयास तेज कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से दूरी बनाते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फिर से बातचीत की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
युद्ध (Russia-Ukraine war) खत्म कराने के लिए अमेरिका की भूमिका लगातार चर्चा में रही है। हालांकि, ओलेशकी में प्रस्तावित सीजफायर को व्यापक शांति समझौते की दिशा में कितना बड़ा कदम माना जा सकता है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। शहर में सैन्य गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगने से स्थानीय स्तर पर नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन इससे पूरे युद्ध पर तत्काल असर पड़ेगा या नहीं, यह आगे की स्थिति पर निर्भर करेगा।
रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष ने कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया है। ऐसे में ओलेशकी में प्रस्तावित युद्धविराम का महत्व इस बात से जुड़ा है कि इससे कितने नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा सकेगा और उन्हें कितनी प्रभावी मानवीय सहायता मिल पाएगी।



