पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लागू, इमरान खान की पार्टी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव के बीच खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में इमरजेंसी लागू कर दी गई है। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की सरकार वाले इस प्रांत में यह कदम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को लेकर केंद्र और प्रांतीय सरकार के बीच बढ़ते विवाद के बीच उठाया गया है। पाकिस्तान सरकार ने आरोप लगाया है कि प्रांतीय सरकार आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई से पीछे हट रही थी। वहीं, PTI ने इस फैसले की आलोचना की है।
राष्ट्रपति ने कैबिनेट की सिफारिश को दी मंजूरी
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने कैबिनेट की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। इससे पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें देश के सुरक्षा हालात की समीक्षा की गई।
हालांकि, राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इमरजेंसी लागू होने के बाद खैबर पख्तूनख्वा का प्रशासन किस तरह संचालित किया जाएगा। पाकिस्तान के संविधान के तहत संघीय सरकार को आपातकाल के दौरान प्रांतीय सरकार के कुछ या सभी कार्य अपने नियंत्रण में लेने का अधिकार मिल सकता है। ऐसे में इस फैसले से इमरान खान की पार्टी की प्रांतीय सरकार की शक्तियां प्रभावित होने की संभावना है।
PTI ने नेताओं के अपहरण का लगाया आरोप
PTI ने दावा किया है कि पिछले कुछ हफ्तों में नेशनल असेंबली और प्रांतीय असेंबली के उसके कई सदस्यों का अपहरण किया गया है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी, विधानसभा अध्यक्ष बाबर सलीम स्वाती और पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष जुनैद अकबर खान को अगवा कर लिया गया है।
इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं दी गई है।
इमरान खान की रिहाई के लिए इस्लामाबाद मार्च की तैयारी
PTI अपने नेता इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर इस्लामाबाद तक मार्च निकालने की तैयारी कर रही है। इमरान खान तीन साल से अधिक समय से जेल में हैं।
पार्टी का मार्च पहले 27 सितंबर को प्रस्तावित था, लेकिन सरकार और PTI नेतृत्व के बीच बातचीत के लिए इसे 4 अक्टूबर तक टाल दिया गया था।
पाकिस्तान सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शनकारियों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके लिए इस्लामाबाद के प्रमुख रास्तों पर शिपिंग कंटेनर लगाकर अवरोधक बनाए गए हैं।
PTI ने इमरजेंसी के फैसले की आलोचना की
रॉयटर्स के मुताबिक, PTI के प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी ने इमरजेंसी लागू करने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इससे खून-खराबा, अस्थिरता और नुकसान बढ़ सकता है।
बुखारी के अनुसार, बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालने की गुंजाइश थी, लेकिन सरकार के इस फैसले से संकेत मिलता है कि वह बातचीत के लिए इच्छुक नहीं थी।



