खरगे के ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ बयान पर बवाल, पटना में पुलिस से शिकायत; BJP आज देशभर में करेगी प्रदर्शन

दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Kharge) की एक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा नेता कृष्णा सिंह कल्लू ने खरगे के खिलाफ पटना के कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बयान को अमर्यादित बताते हुए मामले की जांच की मांग की है।
विवाद के बीच भाजपा ने सोमवार, 26 अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर कांग्रेस अध्यक्ष से बिना शर्त माफी मांगने की मांग कर रही है। बिहार भाजपा ने पटना में खरगे का पुतला जलाने की घोषणा भी की है।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने खरगे (Kharge) का बचाव किया है। पार्टी नेता पवन खेड़ा का कहना है कि कार्यक्रम में नारेबाजी कर भाषण में व्यवधान डालने वाला व्यक्ति भाजपा से जुड़ा था। उन्होंने दावा किया कि खरगे की टिप्पणी का संदर्भ प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और उसके प्रमुख मोहन भागवत से था। इस तरह एक बयान को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं।
श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के कार्यक्रम में हुआ विवाद
यह पूरा विवाद पटना के बापू सभागार में आयोजित कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान सामने आया। कार्यक्रम बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संबोधन दिया।
भाजपा नेता कृष्णा सिंह कल्लू के मुताबिक, भाषण के दौरान खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पिता को लेकर अभद्र तथा अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने सार्वजनिक मंच से की गई कथित टिप्पणी को राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया और पुलिस से शिकायत कर जांच की मांग की।
इस मामले में सामने आए वीडियो को लेकर भी विवाद हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, भाषण के दौरान नारेबाजी और व्यवधान डालने वाले एक व्यक्ति के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बहस और हाथापाई होती दिखाई दी। हालांकि, इस घटनाक्रम के सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
BJP बोली- खरगे को बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए
खरगे की टिप्पणी के विरोध में भाजपा ने सोमवार को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी की योजना के मुताबिक, विभिन्न राज्यों में प्रदेश मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर कांग्रेस अध्यक्ष के बयान का विरोध किया जाएगा। भाजपा का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना राजनीतिक शिष्टाचार और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के खिलाफ है।
बिहार भाजपा ने भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है। पार्टी 26 अक्टूबर को पटना के इनकम टैक्स सर्कल में खरगे का पुतला जलाने का कार्यक्रम घोषित कर चुकी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष को अपने बयान पर बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
भाजपा इस मुद्दे को केवल एक नेता की टिप्पणी नहीं, बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक भाषा और प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति उसके रवैये से जोड़कर उठा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत और पारिवारिक टिप्पणियों से बचना चाहिए।
अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी खरगे (Kharge) की टिप्पणी की आलोचना की है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेताओं की ओर से पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार को निशाना बनाकर टिप्पणियां की जाती रही हैं।
भाजपा का कहना है कि प्रधानमंत्री की मां को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से लेकर मोदी की सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि पर राजनीतिक कटाक्ष तक, कांग्रेस के नेताओं की भाषा पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी इस बयान की आलोचना की है। पार्टी का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेताओं को अपने शब्दों के चयन में सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर तब, जब किसी टिप्पणी से किसी व्यक्ति के परिवार को लेकर विवाद पैदा होने की आशंका हो।
भाजपा ने इस मामले को लेकर कांग्रेस से जवाब मांगा है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि राजनीतिक बहस में असहमति जाहिर की जा सकती है, लेकिन किसी के परिवार को लेकर कथित अपमानजनक भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती।
कांग्रेस ने कहा- बयान का संदर्भ अलग था
विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस ने मल्लिकार्जुन खरगे का बचाव किया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने खरगे के भाषण में व्यवधान डाला था। उनके मुताबिक, नारेबाजी करने वाला व्यक्ति भाजपा से जुड़ा था।
खेड़ा ने दावा किया कि खरगे की टिप्पणी को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘बाप’ शब्द का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के लिए नहीं, बल्कि भाजपा की वैचारिक राजनीति और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संदर्भ में किया गया था। कांग्रेस ने इस तरह भाजपा के आरोपों को खारिज करने की कोशिश की है।
हालांकि, इस स्पष्टीकरण के बावजूद राजनीतिक विवाद थमता नजर नहीं आ रहा। भाजपा जहां बयान को प्रधानमंत्री के परिवार से जोड़कर माफी की मांग कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक संदर्भ में कही गई बात बता रही है।
पुलिस शिकायत के बाद आगे क्या?
पटना के कोतवाली थाने में भाजपा नेता की ओर से लिखित शिकायत दिए जाने के बाद अब मामले में पुलिस की कार्रवाई पर नजर रहेगी। शिकायत दर्ज कराए जाने और प्राथमिकी यानी FIR दर्ज होने में कानूनी अंतर होता है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर फिलहाल इसे पुलिस को दी गई लिखित शिकायत के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करती है या आगे कोई कानूनी कार्रवाई होती है, यह संबंधित तथ्यों और कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करेगा। अभी इस मामले में किसी न्यायिक निष्कर्ष या आरोप सिद्ध होने की बात नहीं कही जा सकती।



