इजराइल में EVM से नहीं, कागज की पर्ची से होता है मतदान, पार्टी के नाम से ज्यादा कोड की अहमियत

इजराइल में 27 अक्टूबर को संसद नेसेट की 120 सीटों के लिए मतदान की प्रक्रिया को लेकर चर्चा है। यहां भारत की तरह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि मतदाता कागज की पर्ची के जरिए अपना वोट डालते हैं। इस व्यवस्था की खास बात यह है कि बैलेट स्लिप पर पार्टी के नाम के साथ हिब्रू अक्षरों का एक विशेष कोड होता है, जिसे पहचानकर मतदाता अपनी पसंद की पार्टी चुनते हैं।
कैसे होती है मतदान की पूरी प्रक्रिया?
इजराइल में मतदान के लिए ऑनलाइन वोटिंग की व्यवस्था नहीं है। मतदाता को निर्धारित मतदान केंद्र पर पहुंचना होता है। चुनाव से पहले उसे डाक के जरिए सूचना दी जाती है कि उसका मतदान केंद्र और बूथ कौन-सा है।
मतदान केंद्र पर पहुंचने के बाद मतदाता को अपनी पहचान साबित करनी होती है। इसके लिए आधिकारिक पहचान पत्र, इजराइली पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज स्वीकार किए जाते हैं। पहचान की पुष्टि होने के बाद मतदान अधिकारी उसे हल्के नीले रंग का आधिकारिक लिफाफा देते हैं।
इसके बाद मतदाता पर्दे के पीछे जाता है, जहां अलग-अलग राजनीतिक दलों की पर्चियां रखी होती हैं। वह अपनी पसंद की पार्टी की पर्ची चुनकर लिफाफे में डालता है और उसे बंद करने के बाद बैलेट बॉक्स में डाल देता है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मतदाता की पसंद गोपनीय रखी जाती है।
पार्टी के नाम से ज्यादा क्यों अहम हैं हिब्रू अक्षर?
इजराइल में प्रत्येक राजनीतिक दल की पहचान कुछ हिब्रू अक्षरों से बने विशेष कोड से होती है। बैलेट स्लिप पर पार्टी का नाम और उसका कोड छपा रहता है। कई मतदाता पार्टी का पूरा नाम पढ़ने के बजाय इन अक्षरों को देखकर अपनी पसंद की पर्ची चुनते हैं।
चुनाव प्रचार के दौरान भी राजनीतिक दल अपने कोड का खूब इस्तेमाल करते हैं। पोस्टर, विज्ञापनों और सोशल मीडिया पर इन अक्षरों को बार-बार दिखाया जाता है, ताकि मतदाता मतदान के दिन उन्हें आसानी से पहचान सकें।
यह कोड पार्टियों की पहचान और प्रचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। नियमों के तहत, पहले से संसद में मौजूद दलों को उनके पुराने कोड के इस्तेमाल में प्राथमिकता मिल सकती है। वहीं, नई पार्टियों को उपलब्ध विकल्पों में से अपना कोड चुनना पड़ता है।
पर्चियां खत्म होने पर क्या होता है?
यदि मतदान केंद्र पर किसी पार्टी की पर्चियां खत्म हो जाती हैं, तो मतदाता खाली पर्ची पर संबंधित पार्टी का निर्धारित अक्षर-कोड लिखकर भी वोट डाल सकता है। हालांकि, इसमें गलती होने पर वोट अमान्य होने का जोखिम रहता है। इसलिए पर्ची पर सही कोड लिखना और मतदान संबंधी नियमों का पालन करना जरूरी है।
इजराइल में सीधे प्रधानमंत्री को नहीं चुनते मतदाता
इजराइल की चुनाव प्रणाली में मतदाता सीधे प्रधानमंत्री के लिए वोट नहीं डालते, बल्कि राजनीतिक दल की सूची को चुनते हैं। संसद में दलों को मिलने वाली सीटों के आधार पर सरकार बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। इस वजह से मतदान में पार्टी की पहचान और उसके चुनावी प्रदर्शन की अहम भूमिका होती है।
इजराइल की यह व्यवस्था दिखाती है कि आधुनिक तकनीक के दौर में भी कागज की पर्चियों के जरिए मतदान कराया जा सकता है। यहां पार्टी के अक्षरों का कोड मतदाताओं के लिए पहचान का माध्यम है, जबकि मतदान की गोपनीयता और प्रक्रिया की निगरानी चुनाव व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।



