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दिल्ली रैली से पहले छत्तीसगढ़ कांग्रेस को झटका, रेलवे ने स्पेशल ट्रेन देने से किया इनकार

1 नवंबर को रामलीला मैदान में महारैली; कांग्रेस का आरोप- कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश, रेलवे ने प्रतिबंधित अवधि का हवाला दिया

रायपुर। दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली से पहले छत्तीसगढ़ (Congress) में सियासत गरमा गई है। रैली में शामिल होने के लिए प्रदेश से हजारों कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने की तैयारी कर रही कांग्रेस को रेलवे ने स्पेशल ट्रेन देने से इनकार कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस ने इस फैसले को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि पहले विशेष ट्रेन उपलब्ध कराने पर सहमति जताई गई थी, लेकिन बाद में रेलवे ने अचानक मना कर दिया।

कांग्रेस का दावा है कि ट्रेन नहीं देने का फैसला रैली में कार्यकर्ताओं की भागीदारी प्रभावित करने की कोशिश है। वहीं, रेलवे के पत्र में प्रस्तावित यात्रा की तारीखों के प्रतिबंधित अवधि में आने का हवाला दिया गया है। पत्र में परिचालन संबंधी कारणों से विशेष ट्रेन की बुकिंग संभव नहीं होने की बात कही गई है। रेलवे के फैसले के पीछे राजनीतिक दबाव होने के कांग्रेस के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पहले खर्च बताया, फिर ट्रेन देने से किया इनकार

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (Congress) ने दिल्ली रैली में कार्यकर्ताओं को पहुंचाने के लिए रेलवे और आईआरसीटीसी से विशेष ट्रेन चलाने की मांग की थी। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने पत्राचार किया था। कांग्रेस के मुताबिक, शुरुआती प्रक्रिया में रेलवे की ओर से ट्रेन उपलब्ध कराने पर सहमति जताई गई थी। साथ ही इसके संचालन का अनुमानित खर्च भी बताया गया था।

पार्टी का कहना है कि वह निर्धारित खर्च का भुगतान करने के लिए तैयार थी। इसके बावजूद 26 अक्टूबर को रेलवे की ओर से पत्र भेजकर विशेष ट्रेन उपलब्ध कराने में असमर्थता जता दी गई। इसके बाद कांग्रेस ने रेलवे के पत्र को सार्वजनिक कर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि रैली की तैयारियों के अंतिम दौर में ट्रेन की व्यवस्था नहीं होने से कार्यकर्ताओं के सामने दिल्ली पहुंचने की चुनौती बढ़ गई है। पार्टी के मुताबिक, प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता महारैली में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।

रेलवे ने प्रतिबंधित अवधि का दिया हवाला

विशेष ट्रेन नहीं देने के मामले में रेलवे की ओर से परिचालन संबंधी वजह बताई गई है। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के डिप्टी चीफ ऑपरेशंस मैनेजर अमित सिंह ने आईआरसीटीसी को भेजे पत्र में कहा कि कांग्रेस की ओर से प्रस्तावित विशेष ट्रेन की तारीखें अधिसूचित प्रतिबंधित अवधि में आती हैं।

इसी आधार पर रेलवे ने प्रस्तावित तारीखों पर एफटीआर (फुल टैरिफ रेट) विशेष ट्रेन की बुकिंग संभव नहीं बताई। पत्र में प्रतिबंधित अवधि के बाहर की तारीखों के लिए नियमों और परिचालन की व्यवहार्यता के अनुसार नया प्रस्ताव देने की सलाह भी दी गई।

कांग्रेस ने रायपुर से नई दिल्ली के लिए 30 अक्टूबर को विशेष ट्रेन चलाने और 1 नवंबर को वापसी की ट्रेन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन रेलवे के जवाब के बाद पार्टी की योजना प्रभावित हुई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रेलवे ने प्रस्तावित तारीखों पर ट्रेन देने से इनकार करने के लिए प्रतिबंधित अवधि का कारण बताया है।

कांग्रेस बोली- बाधाओं के बावजूद दिल्ली पहुंचेंगे कार्यकर्ता

प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार कितनी भी बाधाएं खड़ी कर ले, छत्तीसगढ़ से कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचेंगे। पार्टी ने रेलवे के फैसले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन में शामिल होना राजनीतिक कार्यकर्ताओं का अधिकार है। पार्टी के अनुसार, स्पेशल ट्रेन उपलब्ध नहीं होने से रैली में भागीदारी की तैयारी नहीं रुकेगी।

हालांकि, रेलवे के पत्र में राजनीतिक कारणों का उल्लेख नहीं है। रेलवे ने प्रस्तावित तारीखों को प्रतिबंधित अवधि में आने की वजह से बुकिंग संभव नहीं होने की बात कही है। ऐसे में कांग्रेस के आरोप और रेलवे की ओर से बताई गई वजह अलग-अलग हैं।

अब बस, नियमित ट्रेन और निजी वाहनों से जाने की तैयारी

स्पेशल ट्रेन नहीं मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने के लिए दूसरे विकल्पों पर जोर दिया जा रहा है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, कार्यकर्ता नियमित रेल सेवाओं, बसों, निजी वाहनों और हवाई यात्रा के जरिए दिल्ली पहुंचेंगे।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला, ब्लॉक और मंडल स्तर तक के पदाधिकारियों को रैली की तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए हैं। 25 अक्टूबर को जारी संगठनात्मक आदेश में वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, पूर्व सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों और अन्य पदाधिकारियों की रैली में उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया था। संबंधित नेताओं और पदाधिकारियों से अपना यात्रा कार्यक्रम प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजने के निर्देश भी दिए गए थे।

अब पार्टी के सामने कम समय में कार्यकर्ताओं की यात्रा व्यवस्था बनाने की चुनौती है। नियमित ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता और अन्य साधनों से यात्रा का खर्च भी तैयारियों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि इन मुश्किलों के बावजूद कार्यकर्ता रैली में शामिल होंगे।

रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होगी महारैली

कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ओर से 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली आयोजित करने की तैयारी है। इस रैली में कांग्रेस मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और कथित चुनावी अनियमितताओं का मुद्दा उठाएगी।

कांग्रेस (Congress) का आरोप है कि मतदाता सूचियों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों में गंभीर सवाल हैं। पार्टी इन मुद्दों पर जवाबदेही की मांग कर रही है। रैली के जरिए विपक्षी दल इस मुद्दे पर अपनी बात रखने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश करेंगे।

छत्तीसगढ़ में स्पेशल ट्रेन को लेकर उठा विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है। एक ओर कांग्रेस इसे रैली में भागीदारी प्रभावित करने की कोशिश बता रही है, वहीं रेलवे ने प्रतिबंधित अवधि का हवाला दिया है। अब देखना होगा कि वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था के जरिए प्रदेश कांग्रेस कितने कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचा पाती है।

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