जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में शानदार एंट्री, 21% प्रीमियम पर लिस्टिंग से निवेशकों को हुआ बंपर मुनाफा

जियो प्लेटफॉर्म्स ने बुधवार को शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। कंपनी का शेयर 1,119 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 21.35 फीसदी के प्रीमियम पर 1,358 रुपये पर लिस्ट हुआ। इस मजबूत लिस्टिंग से आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशकों को पहले ही दिन अच्छा मुनाफा हुआ है। अब निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि मुनाफा वसूलकर शेयर बेच देना चाहिए या भविष्य में बेहतर रिटर्न की उम्मीद में इसे अपने पास रखना चाहिए।
एक लॉट पर 2,868 रुपये का मुनाफा
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। शेयर की 1,358 रुपये पर लिस्टिंग होने से निवेशकों को प्रति शेयर 239 रुपये का फायदा मिला। आईपीओ का लॉट साइज 12 शेयरों का था। इस हिसाब से एक लॉट पाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के समय 2,868 रुपये का मुनाफा हुआ।
लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में शेयर का प्रीमियम करीब 247 रुपये चल रहा था। इसके आधार पर शेयर के लगभग 1,366 रुपये पर लिस्ट होने का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि, वास्तविक लिस्टिंग इससे थोड़ी कम रही।
भारती एयरटेल को पीछे छोड़ बनी दूसरी सबसे बड़ी कंपनी
शानदार लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का बाजार पूंजीकरण करीब 12.61 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। इसके साथ ही कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई। इससे पहले इस स्थान पर भारती एयरटेल का दबदबा था, जिसका बाजार पूंजीकरण करीब 12.35 लाख करोड़ रुपये था। जियो की मजबूत शुरुआत के बाद भारती एयरटेल तीसरे स्थान पर पहुंच गई।
आईपीओ को मिला रिकॉर्ड सब्सक्रिप्शन
जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,200 करोड़ रुपये का आईपीओ 21 से 23 अक्टूबर तक निवेश के लिए खुला था। इस आईपीओ को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें करीब 1.4 करोड़ आवेदन आए और 4.9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां लगाई गईं। संस्थागत निवेशकों की ओर से भी जबरदस्त मांग देखने को मिली। इस श्रेणी में आईपीओ को 70.55 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला।
शेयर बेचें या लंबे समय तक रखें?
जियो प्लेटफॉर्म्स की मजबूत लिस्टिंग के बाद निवेशकों के लिए आगे की रणनीति अहम हो गई है। निरिवांटेस रिसर्च के संस्थापक वरुण एन. जोशी के अनुसार, मौजूदा लिस्टिंग स्तर पर शेयर का मूल्यांकन काफी हद तक उचित नजर आता है। ऐसे में तत्काल बड़ी तेजी की संभावना सीमित हो सकती है।
उनकी सलाह है कि निवेशक लिस्टिंग के दिन मुनाफा वसूलने पर विचार कर सकते हैं। इसके बाद यदि शेयर की कीमत में गिरावट आती है और यह 1,200 से 1,250 रुपये के स्तर पर पहुंचता है, तो निवेशक दोबारा खरीदारी के अवसर पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, शेयर की कीमत में उतार-चढ़ाव संभव है और भविष्य का प्रदर्शन कई बाजार कारकों पर निर्भर करेगा।
यह जानकारी केवल समाचार और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। इसे निवेश की सलाह न माना जाए। शेयर खरीदने या बेचने का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।



