दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली को मंजूरी, पुलिस ने लगाईं सख्त शर्तें; 3500 जवान संभालेंगे सुरक्षा

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली को पुलिस ने सशर्त मंजूरी दे दी है। यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित की जाएगी। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रैली की अनुमति रद्द नहीं की गई है, लेकिन आयोजकों को सभी निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
पुलिस ने रैली का समय शाम 5 बजे तक तय किया है। इसके बाद कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, रैली से पहले या बाद में रामलीला मैदान में रात बिताने पर भी रोक रहेगी। आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
भड़काऊ भाषण देने पर होगी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने निर्देश दिया है कि रैली के दौरान जाति या धर्म के आधार पर तनाव फैलाने वाले और भड़काऊ भाषण नहीं दिए जाएंगे। यदि कोई वक्ता ऐसा करता है, तो आयोजकों को तुरंत उसका माइक बंद कर उसे मंच से हटाना होगा।
रैली के दौरान मैदान से बाहर किसी अन्य स्थान की ओर मार्च निकालने की अनुमति नहीं होगी। बसों और अन्य वाहनों को ट्रैफिक पुलिस की ओर से निर्धारित स्थानों पर ही खड़ा करना होगा। आयोजकों को आमंत्रित लोगों और स्वयंसेवकों की सूची, कार्यक्रम का मिनट-दर-मिनट विवरण, बसों की संख्या और उनके रजिस्ट्रेशन नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराने होंगे।
CCTV और कंट्रोल रूम बनाना अनिवार्य
सुरक्षा व्यवस्था के लिए रामलीला मैदान के प्रवेश और निकास द्वार, मंच तथा लोगों के बैठने वाले स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने होंगे। निगरानी के लिए कम से कम पांच मॉनिटर वाला कंट्रोल रूम भी तैयार करना होगा।
आयोजकों को पीने के पानी और शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। महिलाओं के लिए अलग शौचालय ब्लॉक बनाना भी अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, स्वयंसेवकों की पहचान के लिए एक जैसी पोशाक या पहचान बैज रखना होगा। सभी शर्तों का पालन करने और पुलिस के साथ सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की जा सकती है।
14 जोन में बांटा जाएगा सुरक्षा क्षेत्र
रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए पूरे रामलीला मैदान और आसपास के क्षेत्र को 14 जोन में बांटने की योजना है। सुरक्षा के लिए करीब 3500 पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों की 10 कंपनियों की तैनाती की जाएगी।
हर सुरक्षा जोन की निगरानी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। इसके अलावा, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को बॉडी-वॉर्न कैमरे दिए जाएंगे, ताकि किसी भी हंगामे, उपद्रव या पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार की स्थिति में घटनाओं को रिकॉर्ड किया जा सके।



