छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी, 365 नए केंद्र खुलेंगे; चक्रवात के खतरे के बीच स्कूलों की छुट्टी का अधिकार कलेक्टरों को

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी किसानों का धान खरीदा जाएगा। किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो, इसके लिए इस साल 365 नए धान खरीदी केंद्र खोले जा रहे हैं। वहीं, बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवात ‘अर्नब’ को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
सभी किसानों का धान खरीदेगी सरकार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी और सभी किसानों की उपज खरीदी जाएगी। जरूरत पड़ने पर इसके लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि इस साल 365 नए धान खरीदी केंद्र खोले जा रहे हैं। इससे किसानों को धान बेचने में सुविधा मिलेगी और केंद्रों पर लंबी कतारों की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।
चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर सरकार सतर्क
बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके प्रभाव से तेज हवाएं और बारिश हो सकती है। इसका असर छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के अलावा कांकेर और धमतरी में भी देखने को मिल सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और प्रशासन संभावित मौसम संबंधी खतरे को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। आपदा से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।
SDRF-NDRF और जिला प्रशासन अलर्ट
मुख्यमंत्री के मुताबिक, संभावित आपदा से निपटने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और जिला प्रशासन को अलर्ट रखा गया है। सभी संबंधित एजेंसियों को परिस्थितियों के अनुसार तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों को भी मौसम की संभावित स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है, ताकि वे खराब मौसम को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानियां बरत सकें।
खराब मौसम में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर सकेंगे कलेक्टर
संभावित चक्रवात और भारी बारिश की आशंका के बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टरों को अहम अधिकार दिए हैं। अब कलेक्टर स्थानीय परिस्थितियों का आकलन कर सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर सकेंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव ने 27 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, मौसम विभाग की चेतावनियों और जिले में संभावित खराब मौसम से उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए कलेक्टर जरूरत के मुताबिक छुट्टी का निर्णय ले सकते हैं।
यह व्यवस्था प्रदेश के शासकीय और अशासकीय, दोनों प्रकार के विद्यालयों पर लागू होगी। हालांकि, स्कूलों में छुट्टी का फैसला पूरे प्रदेश के लिए एकसाथ नहीं, बल्कि संबंधित जिले की स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों के आधार पर लिया जाएगा।



