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रायपुर के आसमान में आज दिखेगा सारंग हेलीकॉप्टरों का जलवा: 25 मिनट तक उड़ान भरेंगे पांच हेलीकॉप्टर, छतों से देख सकेंगे नजारा; 2 नवंबर को होगा एयर शो

दोपहर 12:20 से 12:45 बजे तक शहर के ऊपर से गुजरेंगे वायुसेना के हेलीकॉप्टर, राज्योत्सव के मौके पर नवा रायपुर के सेंध लेक में दिखाएंगे हवाई करतब

रायपुर। राजधानी रायपुर के आसमान में शुक्रवार को भारतीय वायुसेना के सारंग (Sarang) हेलीकॉप्टरों का रोमांच देखने को मिलेगा। दोपहर 12:20 से 12:45 बजे के बीच सारंग टीम के हेलीकॉप्टर शहर के ऊपर से उड़ान भरेंगे। करीब 25 मिनट तक चलने वाली इस उड़ान को शहरवासी अपने घरों की छतों से भी देख सकेंगे। राज्योत्सव के मौके पर आयोजित होने वाले एयर शो से पहले यह उड़ान लोगों के लिए खास आकर्षण रहेगी।

भारतीय वायुसेना की सारंग टीम अपने शानदार हवाई करतब, सटीक फॉर्मेशन और हेलीकॉप्टरों के बीच बेहतरीन तालमेल के लिए जानी जाती है। टीम में स्वदेशी तकनीक से विकसित एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) ध्रुव का इस्तेमाल किया जाता है। इन हेलीकॉप्टरों के जरिए आसमान में एक साथ उड़ान भरने, दिशा बदलने और अलग-अलग आकृतियां बनाने जैसे करतब दिखाए जाते हैं।

2 नवंबर को नवा रायपुर में होगा एयर शो

राज्योत्सव के अवसर पर 2 नवंबर को नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में सारंग (Sarang) टीम का विशेष एयर शो आयोजित किया जाएगा। इसमें वायुसेना के पायलट अपने हेलीकॉप्टरों के जरिए हैरतअंगेज हवाई करतब दिखाएंगे। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। रायपुर में शुक्रवार को होने वाली उड़ान को एयर शो से पहले अभ्यास और शहर में टीम की मौजूदगी के तौर पर भी देखा जा रहा है।

राजधानी के ऊपर से हेलीकॉप्टरों की उड़ान के दौरान लोगों को आसमान में एक साथ कई हेलीकॉप्टर देखने का मौका मिलेगा। सारंग टीम का प्रदर्शन सामान्य हेलीकॉप्टर उड़ान से अलग होता है। इसमें पायलट बेहद कम दूरी और निर्धारित गति के बीच एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर करतब दिखाते हैं।

2003 में हुआ था सारंग टीम का गठन

भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम का गठन वर्ष 2003 में किया गया था। इसके बाद फरवरी 2004 में सिंगापुर में आयोजित एशियन एयरोस्पेस एयर शो में टीम ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के बाद सारंग टीम ने अपनी अलग पहचान बनाई।

तब से टीम देश और विदेश के कई प्रतिष्ठित एयर शो में हिस्सा ले चुकी है। सारंग का नाम भारतीय वायुसेना के हवाई प्रदर्शन और स्वदेशी हेलीकॉप्टरों की क्षमता से जुड़ा है। टीम के प्रदर्शन में पायलटों का कौशल, अनुशासन और तकनीकी दक्षता देखने को मिलती है।

मोर के रंगों से मिलती है हेलीकॉप्टरों को पहचान

सारंग टीम के हेलीकॉप्टरों की सबसे खास पहचान उनका रंग और डिजाइन है। इन पर भारतीय राष्ट्रीय पक्षी मोर से प्रेरित रंगों का इस्तेमाल किया गया है। इसी वजह से उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टरों का समूह आसमान में अलग ही छटा बिखेरता है।

टीम में स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) ध्रुव शामिल हैं। ये हेलीकॉप्टर भारत में विकसित किए गए हैं। इनके जरिए टीम विभिन्न तरह के फॉर्मेशन और हवाई करतब दिखाती है। प्रदर्शन में हेलीकॉप्टरों की गति, ऊंचाई और आपसी दूरी का सटीक तालमेल बेहद महत्वपूर्ण होता है।

पांच हेलीकॉप्टरों की टीम, चार दिखाते हैं करतब

सारंग टीम में सामान्य तौर पर पांच हेलीकॉप्टर शामिल होते हैं। इनमें से चार हेलीकॉप्टर मुख्य प्रदर्शन करते हैं, जबकि पांचवें को बैकअप के तौर पर रखा जाता है। चारों हेलीकॉप्टर एक साथ उड़ान भरते हुए अलग-अलग फॉर्मेशन बनाते हैं।

प्रदर्शन के दौरान पायलटों को एक-दूसरे की स्थिति, गति और दिशा पर लगातार नजर रखनी होती है। थोड़ी सी चूक भी पूरे फॉर्मेशन को प्रभावित कर सकती है। यही वजह है कि सारंग टीम के पायलट लंबे अभ्यास और बेहतर तालमेल के बाद इस तरह के प्रदर्शन करते हैं।

फॉर्मेशन फ्लाइंग होता है सबसे बड़ा आकर्षण

सारंग टीम (Sarang) के एयर शो में फॉर्मेशन फ्लाइंग सबसे खास आकर्षण होता है। इसमें सभी हेलीकॉप्टर एक निश्चित दूरी बनाए रखते हुए एक साथ उड़ान भरते हैं। इसके अलावा तेज मोड़ लेना, एक साथ दिशा बदलना, ऊपर की ओर उड़ान भरना और आसमान में अलग-अलग आकृतियां बनाना भी प्रदर्शन का हिस्सा होता है।

इन करतबों के दौरान हेलीकॉप्टरों का आपसी तालमेल दर्शकों को रोमांचित करता है। कई बार हेलीकॉप्टर एक-दूसरे के बेहद करीब दिखाई देते हैं, लेकिन पायलट निर्धारित दूरी और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए प्रदर्शन करते हैं।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं सारंग टीम के अधिकारी

रायपुर पहुंचने के बाद सारंग टीम के अधिकारियों ने राज्यपाल रमेन डेका से लोक भवन में मुलाकात की। इस दौरान एयर कमोडोर और एयर ऑफिसर कमांडिंग, हेडक्वार्टर एंटी नक्सल टास्क फोर्स नंदा कुमार बाला सहित टीम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इनमें कैप्टन वैभव विशाल, जीपी कैप्टन अभिजीत कुमार, सीडीआर प्रियांशु, स्क्वाड्रन लीडर अंकिता सिंह, स्क्वाड्रन लीडर विनय पाठक, लेफ्टिनेंट शशांक और लेफ्टिनेंट साई अक्षय शामिल थे।

इससे पहले सारंग टीम के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी मुलाकात की थी। अब राज्योत्सव के दौरान होने वाले एयर शो को लेकर राजधानी और नवा रायपुर में उत्सुकता है। शुक्रवार को रायपुर के ऊपर होने वाली उड़ान इस रोमांचक आयोजन की पहली झलक होगी, जबकि 2 नवंबर को सेंध लेक क्षेत्र में दर्शकों को सारंग टीम के पूरे हवाई प्रदर्शन को देखने का मौका मिलेगा।

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