‘मोदी कभी नहीं जाएंगे’, दिल्ली मार्च से पहले अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री पर कसा तंज, मणिपुर का उठाया मुद्दा

दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाले INDIA गठबंधन के ‘वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ मार्च से पहले CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ध्रुव राठी की पोस्ट साझा करते हुए मणिपुर का मुद्दा उठाया और केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
नई दिल्ली। दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाले INDIA गठबंधन के मार्च से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आ गई है। दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए मणिपुर का जिक्र किया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘मोदी कभी नहीं जाएंगे, मणिपुर।’ इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी की एक पोस्ट भी साझा की है।
दीपके की इस पोस्ट को दिल्ली मार्च से ठीक पहले मणिपुर के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, यह पोस्ट सोशल मीडिया पर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है।
ध्रुव राठी की पोस्ट को बनाया तंज का आधार
अभिजीत दीपके ने अपनी पोस्ट में ध्रुव राठी के उस संदेश का हवाला दिया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं होने को लेकर तंज किया गया था। ध्रुव राठी की पोस्ट में लिखा था, ‘मोदी कभी नहीं जाएंगे… प्रेस कॉन्फ्रेंस में।’
इसी अंदाज में अभिजीत दीपके ने मणिपुर का जिक्र जोड़ते हुए प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, ‘मोदी कभी नहीं जाएंगे, मणिपुर।’ इस तरह एक ही पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस और मणिपुर के मुद्दे को लेकर राजनीतिक तंज किया गया।
दीपके की पोस्ट में मणिपुर का उल्लेख ऐसे समय में किया गया है, जब विपक्षी दल केंद्र सरकार को अलग-अलग मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर रहे हैं। मणिपुर की स्थिति और वहां के हालात को लेकर विपक्ष पहले भी केंद्र सरकार से जवाब मांगता रहा है। ऐसे में दिल्ली मार्च से पहले आई इस पोस्ट को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
1 नवंबर को दिल्ली में INDIA गठबंधन का मार्च
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की ओर से ‘वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली में वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को उठाया जाना है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मिंटो रोड जंक्शन से अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। गठबंधन के नेताओं के मुताबिक, इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
विपक्षी दलों का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से गठबंधन के नेता इस मार्च और रैली के जरिए अपनी बात रखेंगे।
खड़गे के आवास पर भी आयोजित हुआ कार्यक्रम
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जनता के महाभियोग’ का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है। विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
INDIA गठबंधन के नेता इन मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति के तहत एकजुट दिखाई दे रहे हैं। 1 नवंबर को होने वाली रैली को इसी अभियान की एक अहम कड़ी माना जा रहा है।
रैली को लेकर दिल्ली पुलिस ने किए सुरक्षा इंतजाम
रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी की है। पुलिस के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान कई जिलों के पुलिस जवानों के साथ अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।
हालांकि, कनॉट प्लेस से प्रस्तावित मार्च को लेकर पुलिस को अनुमति का आवेदन नहीं मिला था। ऐसे में मार्च के रूट और अनुमति को लेकर स्थिति पर भी नजर बनी हुई है।
फिलहाल, 1 नवंबर को होने वाली रैली से पहले अभिजीत दीपके की पोस्ट ने राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि INDIA गठबंधन के नेता रामलीला मैदान से किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं और इस मार्च के जरिए केंद्र सरकार को किस तरह घेरते हैं।



