
रायपुर। बीते 16 दिनों से छत्तीसगढ़ में आसमानी कहर बरप रहा है। जिस पर अब राहत की बौछार पड़ने के संकेत मिल रहे हैं। आज नौतपा का पांचवां दिन है, पर इस बार सूरज ने अपनी तपिश का जिस तरह से परिचय कराया है, हलक से जान निकालने जैसा रहा है। आलम यह है कि इस भयावह गर्मी की वजह से इंसान तो हलाकान है ही, पशु—पक्षी और जानवरों की सांस उखड़ने लगी है।
मौसम विभाग की माने, तो अब मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। हालांकि मानसून की दस्तक में अब भी करीब 20 दिनों का समय बाकी है। लेकिन इससे पहले राहत की बौछार पड़ने के भरपूर आसार बताए जा रहे हैं, जिसकी शुरूआत अंबिकापुर और सूरजपुर से हो चुकी है। बारिश के साथ मुसीबत का पैगाम धूल भरी आंधी है। 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली अंधड़ की वजह से कई तरह की मुसीबतों का सामना भी करना पड़ सकता है।
क्यों बदल रहा मौसम
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि मानसून की दस्तक से 20 दिनों पहले, यदि मौसम करवट ले रहा है, तो इसके पीछे वजह क्या है? तो मौसम विभाग के मुताबिक जवाब इस तरह से सामने आया है कि उत्तर झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण यानी हवा का एक घुमावदार दबाव क्षेत्र बना है। वहीं उत्तर प्रदेश से आंध्र प्रदेश तक एक लंबी मौसमीय रेखा (ट्रफ लाइन) सक्रिय है। इन दोनों सिस्टम्स की वजह से बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाएं छत्तीसगढ़ की ओर आ रही हैं।
कैसा रहेगा रायपुर में मौसम
मौसम विभाग की मानें तो, राजधानी रायपुर में 29 मई यानि शुक्रवार को आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है। मौसम विभाग ने बारिश, गरज-चमक और धूलभरी आंधी की संभावना जताई है। शहर का अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

