शुभेंदु सरकार का कैबिनेट विस्तार, नौकरानी से मंत्री बनीं कलीता माझी; युवा चेहरों को भी मिला मौका

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के करीब तीन सप्ताह बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार किया है। सोमवार को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 35 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही राज्य में मंत्रियों की संख्या 6 से बढ़कर 41 हो गई है।
13 कैबिनेट मंत्री और 22 राज्य मंत्रियों ने ली शपथ
कैबिनेट विस्तार में 13 कैबिनेट मंत्री, 3 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 राज्य मंत्रियों को शामिल किया गया। भाजपा ने मंत्रिमंडल गठन में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है।
नौकरानी का काम करने वाली कलीता माझी बनीं मंत्री
इस कैबिनेट विस्तार का सबसे चर्चित नाम कलीता माझी का रहा। पूर्वी बर्दवान के औशग्राम से विधायक बनीं कलीता का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। राजनीति में आने से पहले वह घरों में काम करती थीं और उनकी मासिक आय करीब 2500 रुपये थी। अब उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सबसे युवा विधायकों में शामिल बिराज बिस्वास को भी मिली जगह
उत्तर दिनाजपुर के करांडीघी से विधायक बिराज बिस्वास को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। 30 वर्षीय बिराज पेशे से वकील हैं और छात्र राजनीति से सक्रिय राजनीति में आए हैं। उन्हें भाजपा के युवा चेहरों में गिना जाता है।
पूर्व क्रिकेटर अशोक डिंडा बने राज्य मंत्री
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। मोयना विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करने वाले डिंडा को राज्य मंत्री बनाया गया है।
महिलाओं को भी मिला प्रतिनिधित्व
मंत्रिमंडल में कई महिला नेताओं को शामिल किया गया है। इनमें कलीता माझी, मौमिता बिस्वास मिश्रा, सुमना सरकार, गार्गी दास घोष और पूर्णिमा चक्रवर्ती प्रमुख हैं। इससे पहले अग्निमित्रा पॉल को भी कैबिनेट में जगह दी जा चुकी है।
उत्तरी बंगाल को मिला बड़ा प्रतिनिधित्व
शुभेंदु अधिकारी के नए मंत्रिमंडल में उत्तरी बंगाल क्षेत्र को विशेष महत्व दिया गया है। इस क्षेत्र से कई विधायकों को मंत्री बनाया गया है, जिससे क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश दिखाई देती है। भाजपा नेतृत्व ने सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल का गठन किया है।
पहली बार सत्ता में आई भाजपा
पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार का गठन 9 मई को हुआ था। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ पांच मंत्रियों ने शपथ ली थी। अब कैबिनेट विस्तार के जरिए सरकार ने अपने संगठनात्मक और प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने की कोशिश की है।

