टीएमसी पर संकट के बादल: एक दिन में लगे तीन बड़े झटके, मेयर फिरहाद हकीम ने भी छोड़ा पद

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बुधवार को पार्टी को एक के बाद एक तीन बड़े झटके लगे। पहला, ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता मिल गई। दूसरा, शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अभिषेक बनर्जी को 15 जून को पूछताछ के लिए तलब किया है। वहीं तीसरा बड़ा झटका तब लगा जब कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
जानकारी के अनुसार, नगर निगम अधिनियम के तहत फिरहाद हकीम को अपना इस्तीफा औपचारिक रूप से नगर निगम के अध्यक्ष या आयुक्त को सौंपना होगा। इस बीच, तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने दावा किया कि फिरहाद हकीम लंबे समय से पद छोड़ने की इच्छा जता रहे थे और हालिया परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उनके इस्तीफे को मंजूरी दे दी।
कुणाल घोष ने कहा कि ममता बनर्जी ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद फिरहाद हकीम को महापौर पद से इस्तीफा देने की अनुमति दी, ताकि उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित न हो। हालांकि, इस दावे पर अभी तक फिरहाद हकीम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उधर, टीएमसी में बढ़ते असंतोष और राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।

