
बिलासपुर। सुप्रीम कोर्ट ने देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों(Teachers) के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET पास करना अनिवार्य होगा।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक पढ़ाने के लिए TET योग्यता जरूरी
यह मामला लंबे समय से विचाराधीन था, जिसमें अलग-अलग राज्यों में बिना TET पास किए शिक्षकों(Teachers) की भर्ती और कार्यरत स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर पढ़ाने के लिए TET एक जरूरी योग्यता होगी।
मौजूदा शिक्षकों को TET पास करने के लिए 2028 तक का समय
फैसले के अनुसार, नई भर्तियों में TET पास होना अनिवार्य होगा। वहीं पहले से नौकरी कर रहे शिक्षकों(Teachers) को भी इस नियम के दायरे में रखा गया है। हालांकि कोर्ट ने मौजूदा शिक्षकों को राहत देते हुए TET पास करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया है, ताकि वे परीक्षा की तैयारी कर सकें।इस निर्णय के बाद छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग ने भी तैयारी शुरू कर दी है। बिलासपुर समेत पूरे राज्य में शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं ताकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
शिक्षा विभाग के अनुसार TET अब केवल भर्ती की औपचारिकता नहीं रहेगा, बल्कि यह शिक्षकों की योग्यता और शिक्षा की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण मानक माना जाएगा।जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे ने कहा कि इस फैसले के बाद शिक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी और बच्चों को बेहतर गुणवत्ता की पढ़ाई मिल सकेगी।

