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कुछ घंटों के लिए होटल बुकिंग का बढ़ता चलन,’शॉर्ट-स्टे’ ट्रेंड से यात्रियों और होटलों दोनों को हो रहा फायदा

नई दिल्ली। भारत में होटल बुकिंग का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब यात्रियों को कुछ घंटों के लिए कमरा लेने पर पूरे दिन का किराया नहीं चुकाना पड़ता। देशभर में ‘शॉर्ट-स्टे’ और ‘ऑवरली स्टे’ मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसके तहत ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार कुछ घंटों के लिए होटल कमरा बुक कर सकते हैं।

इस सुविधा का लाभ अब केवल कपल्स ही नहीं, बल्कि बिजनेस यात्रियों, ट्रांजिट यात्रियों, छात्रों, नौकरी के इंटरव्यू देने वालों और परिवारों द्वारा भी लिया जा रहा है। इससे यात्रियों को कम खर्च में सुविधा मिल रही है, वहीं होटलों को खाली पड़े कमरों से अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिल रहा है।

इस क्षेत्र में कई ऑनलाइन मंच सक्रिय हैं, जो देश के दर्जनों शहरों में हजारों होटलों के साथ मिलकर ऑवरली स्टे की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, ग्राहकों की बदलती जरूरतों और डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म की बढ़ती पहुंच ने इस मॉडल को तेजी से लोकप्रिय बनाया है।

होटल संचालकों का कहना है कि सुबह चेक-आउट और शाम के चेक-इन के बीच खाली रहने वाले कमरों का उपयोग अब ऑवरली बुकिंग के जरिए किया जा रहा है। खासकर हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों के आसपास स्थित होटलों को इसका अधिक लाभ मिल रहा है।

तकनीकी विकास ने भी इस व्यवस्था को आसान बनाया है। आधुनिक होटल प्रबंधन प्रणालियां अब स्लॉट आधारित बुकिंग का समर्थन करती हैं, जिससे कमरों की उपलब्धता और बुकिंग प्रक्रिया को आसानी से संचालित किया जा सकता है।

हालांकि, इस क्षेत्र के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। सामाजिक झिझक, सुरक्षा संबंधी चिंताएं, जागरूकता की कमी और संचालन संबंधी जटिलताएं अभी भी मौजूद हैं। इसके बावजूद विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू पर्यटन, व्यावसायिक यात्राओं और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ आने वाले वर्षों में शॉर्ट-स्टे बाजार और तेजी से बढ़ेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, “जितना उपयोग, उतना भुगतान” की अवधारणा अब होटल उद्योग में भी लोकप्रिय हो रही है और यही कारण है कि ऑवरली होटल बुकिंग भविष्य का एक बड़ा ट्रेंड बनकर उभर रही है।

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